हनुमानगढ़

दो चचेरे भाइयों व ताऊ की एक साथ घर से उठी अर्थी, मचा कोहराम, हर आंख हुई नम

निकटवर्ती ग्राम पंचायत पीलीबंगा गांव की रोही के एक खेत में गेहूं कटाई करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से एक ही परिवार के तीन जनों की मौत हो गई।
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Updated: 16 Apr 2023, 5:22 PM IST
Three people of the same family died in Pilibanga Hanumangarh

पीलीबंगा। निकटवर्ती ग्राम पंचायत पीलीबंगा गांव की रोही के एक खेत में गेहूं कटाई करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से एक ही परिवार के तीन जनों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कृष्ण लाल (45) पुत्र तारूराम जाट अपने छोटे भाई बलवंत के लड़के अमित कुमार (20) व रामचंद्र के लड़के हर्षित (9)के साथ शुक्रवार को चक 4 एनएसडब्ल्यू में स्थित अपने खेत में तीन-चार मजदूरों के साथ गेहूं कटाई का कार्य कर रहे थे।

शुक्रवार दोपहर को तीनों के उल्टियां व दस्त की शिकायत हुई। इस पर उन्होंने प्राथमिक उपचार लिया व वापिस कार्य पर लग गए, लेकिन कुछ देर बाद तीनों की दुबारा तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें पीलीबंगा स्थित निजी चिकित्सालय में ले गए।

जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालात में उन्हें जिला चिकित्सालय में रेफर कर दिया। बीच रास्ते में अचानक हर्षित की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर चिकित्सकों ने हर्षित को मृत घोषित कर दिया। वहीं उपचाराधीन कृष्ण लाल व अमित कुमार की शनिवार को सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल में मौत हो गई।

बताया गया कि मृतक कृष्ण लाल व अमित कुमार के साथ तीन चार अन्य मजदूर भी गेहूं कटाई के कार्य पर लगे हुए थे। घटना को लेकर मृतक हर्षित के पिता बलवंत की ओर से पुलिस थाने में मर्ग दर्ज करवाई गई है। बताया जा रहा है कि खेत में रखें पानी के मटके में घास जलाने की दवा रखी हुई थी। दवा की शीशी टूटने के कारण मिट्टी से निर्मित मटके ने शीशी से निकले जहर को सोख लिया। मृतक कृष्ण लाल जाट ने गुरुवार की शाम को खेत में बने कच्चे कमरे में रखे मटके में पानी भरकर छोड़ दिया।

शुक्रवार सुबह ही वह अपने दोनों भाइयों के लड़कों व मजदूरों के साथ खेत में गेहूं कटाई के लिए चले गए। इस दौरान कृष्ण लाल व उनके दोनों भतीजों ने मटके से कई बार पानी पिया। जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।

मृतक कृष्णलाल के साथ गेहूं कटाई में लगे मजदूरों ने खेत में बनी डिग्गी से पानी पिया लेकिन उन्होने दोपहर के समय मटके के पानी से बनाई गई चाय पी ली। जिनसे उनके भी उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। उन्होंने गांव में ही प्राथमिक उपचार ले लिया जबकि तीनों मृतकों ने मटके से बार बार पानी पिया। जिनसे उनकी हालत अधिक बिगड़ गई।

इकलौती संतान थी हर्षित
शुक्रवार सुबह खुशी-खुशी से खेत में गेहूं कटाई करने गए दो चचेरे भाइयों व उनके ताऊ की शनिवार को जैसे ही एक साथ घर से अर्थी उठी। उस समय घर में कोहराम मच गया था। घर के चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ था। सन्नाटे को सिर्फ महिलाओं की चीख-पुकार ही चीर रही थी। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया था।

अंतिम यात्रा में शामिल ग्रामीणों की आंखों से भी बरबस आंसू टपक रहे थे। शनिवार को पीलीबंगा गांव में स्थित कल्याण भूमि में तीनों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक कृष्ण लाल के दो लड़की व एक अविवाहित लड़का है।

अविवाहित अमित कुमार के एक बहन तथा हर्षित अपने मां बाप की इकलौती संतान थी। हर्षित के पिता रामचंद्र सरदार शहर स्थित बैंक में कार्यरत है। मृतक हर्षित अपने ताऊ के साथ ही रहता था। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह भी खेत में साथ चला गया, जहां तीनों असमय काल के ग्रास बन गए।

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