Hapur News: हापुड़ में दहेज की मांग को लेकर एक शादी समारोह विवाद में बदल गया, जहां दूल्हा पक्ष पर 10 लाख रुपये और स्कॉर्पियो कार की मांग, फायरिंग, धमकी और बेहोशी का नाटक कर जेवर लेकर फरार होने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
Groom Escapes Hapur:उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक शादी समारोह उस समय विवादों में बदल गया जब दूल्हा पक्ष ने सगाई के बाद से ही दहेज में 10 लाख रुपये नकद और स्कॉर्पियो कार की मांग शुरू कर दी। पीड़ित परिवार के अनुसार, लगातार दबाव और धमकियों के बावजूद किसी तरह शादी की तैयारियां पूरी की गईं, लेकिन तनाव पहले से ही बना हुआ था।
25 अप्रैल 2026 को बुलंदशहर रोड स्थित ग्रीन वैली मैरिज होम में जब शादी का आयोजन चल रहा था, तब चढ़त के बाद ही माहौल बिगड़ गया। आरोप है कि दूल्हा मयंक सिंह शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने लगा और जयमाला से पहले ही विवाद खड़ा कर दिया।
विवाद के दौरान दूल्हा पक्ष के लोगों ने फिर से 10 लाख रुपये और स्कॉर्पियो कार की मांग दोहराई। विरोध करने पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी, जिससे समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
आरोप है कि दूल्हा पक्ष के कुछ लोगों ने निजी हथियारों से हर्ष फायरिंग भी की, जिससे वहां मौजूद मेहमानों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना ने शादी समारोह को पूरी तरह अव्यवस्था और डर के माहौल में बदल दिया।
विवाद के बाद दूल्हा मयंक सिंह ने तबीयत खराब होने और बेहोश होने का नाटक किया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहीं से वह कथित तौर पर जेवरात और अन्य सामान लेकर फरार हो गया, जिससे परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि इस घटना से उनकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है और उन्हें मानसिक, सामाजिक व आर्थिक आघात झेलना पड़ा है। परिवार का कहना है कि शादी की पूरी तैयारियां बर्बाद हो गईं।
पुलिस ने बताया कि दूल्हा मयंक सिंह, उसके पिता महेंद्र सिंह, मां रविता सिंह, बहन वर्षा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा और शादी में बढ़ते लालच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।