
एक मां अपनी बेटी पर सबसे ज्यादा भरोसा करती है। लेकिन जब वही मां पुलिस के पास पहुंचकर अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी, बैंक खाते के दुरुपयोग और जमीन हड़पने की शिकायत करे, तो मामला सिर्फ कानूनी नहीं रह जाता, बल्कि रिश्तों के टूटने की दर्दनाक कहानी बन जाता है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में तैनात PCS अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी इन दिनों ऐसे ही एक मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी मां मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि बेटी ने उनकी जानकारी के बिना उनके नाम के बैंक खाते का इस्तेमाल किया और उसमें 15 लाख रुपये जमा कराए। मां का दावा है कि उन्हें इस रकम के बारे में तब पता चला, जब उनके मोबाइल पर बैंक का संदेश आया। बैंक पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में बड़ी रकम जमा की गई है, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
यहीं से एक मां के मन में सवाल उठने लगे। मुनेश रानी का आरोप है कि उनकी बेटी ने कथित तौर पर अपनी अवैध कमाई छिपाने के लिए उनके खाते का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने बेटी और अन्य लोगों पर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर किए गए और उन्हें इसकी जानकारी काफी बाद में मिली।
मुनेश रानी का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकियां भी मिलीं। हालात ऐसे बने कि डर के कारण उन्हें अपनी जमीन बेचनी पड़ी। एक मां के लिए यह सिर्फ संपत्ति का विवाद नहीं, बल्कि अपने ही परिवार से मिले कथित धोखे का दर्द है।
मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो जांच के बाद सहारनपुर के सरसावा थाने में सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक आरोप साबित नहीं हुए हैं और पूरा मामला विवेचना के अधीन है।