
हापुड़। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी के चलते हापुड़ में एक गरीब परिवार अपनी दो वर्षीय मासूम बच्ची को बेहतर इलाज नहीं दिला सका। इलाज के अभाव में बच्ची की माैत हाे गई।
किराए के मकान में रहने वाले परिवार की दाे वर्षीय बेटी लॉकडाउन के समय से बीमार चल रही थी जिसका गरीब परिवार ने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन मासूम बच्ची को आराम नहीं मिला। पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि बच्ची काे इलाज के शहर ले जाए। बताया जा रहा है कि, इलाज के अभाव में बच्ची की माैत हाे गई।
देश की राजधानी दिल्ली से करीब 60 किलोमीटर दूर हापुड़ जिले के हर्ष विहार में रहने वाला सुंदर लॉकडाउन से पहले मेहनत मजदूरी का काम किया करते था। लॉकडाउन के कारण उनका सुंदर का काम बंद हाे गया था। सुंदर की दो साल की बच्ची दो महीने से काफी बीमार चल रही थी। परिवार के जाे पैसे थे बेटी के इलाज में लगा दिए लेकिन गांव के डॉक्टरों से मासूम बच्ची काे हालत में सुधार नहीं हुआ। पैसों के अभाव में यह परिवार बच्ची को इलाज किसी अच्छे हॉस्पिटल में नहीं कराया पाया।
बच्ची की मां का कहना है कि उसकी बच्ची जब से लॉकडाउन लगा है तब से बीमार चल रही थी। पैसे नहीं होने पर बेहतर इलाज नहीं करा पाए और इलाज के अभाव में उसकी माैत हाे गई।