हरदा

सड़क पर छोड़े मवेशी तो होगी FIR, मिनटों में होगी मालिक की पहचान

MP News: अब रोड पर मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों पर गाज गिरेगी। नगर पालिका मालिकों की पहचान कर एफआईआर दर्ज कराएगी।
2 min read
• •
Updated: 25 Sep 2025, 8:45 AM IST
cattle owner identification ear tag harda road mp news
cattle owner identification ear tag harda road (Patrika.com)

Cattle Owner Identification: हरदा जिले में दूध लगाने के बाद उन्हें घर में बांधकर चारा, भूसा, पानी देने के बजाय रोड पर खुला छोड़ने वाले पशु पालकों की शामत आएगी। अब ऐसे पशु पालकों के खिलाफ प्रशासन नगर पालिका के माध्यम से नजदीक के थाने में एफआईआर दर्ज कराएगी। रोड पर मिलने वाले पशुओं के कान में लगे टैग (ear tag or Animal Identification Number) की मदद से पशु पालक की अधिकारी पहचान करेंगे, फिर केस दर्ज कराया जाएगा। (MP News)

होगी कड़ी कार्रवाई

जिले में सड़कों पर निराश्रित रूप से मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों को अब कार्रवाई के दायरे में लाने से मुख्य रोड और हाइवे आदि पर पशुओं के डेरे कम नजर आने की उम्मीद है। जिले की सीमा से गुजरने वाले स्टेट और नेशनल हाइवे सहित शहर की मुख्य सड़कों और कॉलोनियों की गलियों सहित विभिन्न व्यस्ततम चौराहों पर पशुओं के झुंड हादसों का कारण बनने लगे हैं। (MP News)

कलेक्टर ने सीएमओ को दिए निर्देश

ऐसे मामलों में नकेल कसने के लिए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने नपा के सीएमओ को निर्देशित कर दिया है। जिसमें अब रोड पर मिलने वाले निराश्रित पशुओं को पकड़ा जाएगा। इनके कान में लगे नंबर वाले टैग के आधार से पशु चिकित्सा विभाग के रिकार्ड से मिलाकर मालिक की पहचान की जाएगी। फिर उसके खिलाफ थाने में अपराध दर्ज कराया जाएगा। (MP News)

सीएम हेल्प लाइन में शिकायतें

पशुओं के बीच रोड पर बैठे रहने से आए दिन तेज गति वाहनों के डाइवर उन्हें बचाने या रात के अंधेरे में देख नहीं पाने के कारण दुर्घटनाओं के शिकार होने लगे थे। हाइवे पर कई हादसों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कई लोग गंभीर रुप से चोटिल हो गए। कई हमेशा के लिए अपाहिज हो गए। फिर भी प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं की। इसी वजह से सीएम हेल्पलाइन व जन सुनवाई में शिकायतें बढ़ने लगी थीं।

खेतों में फसलों को पहुंचा रहे नुकसानः पशुओं के हुजूम से शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण और किसान भी परेशान है। शहर के आसपास और रोड किनारे लगे खेतों में पशुओं के समूह घुस जाते हैं। फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार ग्रामीण ऐसे मवेशियों को घेरकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध भी जता चुके थे। (MP News)

तंग गलियों में धमाचौकड़ी से परेशानी

शहर में हाइवे पर हरदौल बाबा चौक, इंदौर रोड, मंडी रोड, सब्जी मंडी, स् टेडियम, छीपानेर रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, परशुराम चौक सहित मुख्य बाजार की तंग गलियों में भी इनकी धमाचौकड़ी रहती है। दुकानदार रोड किनारे दूषित सामग्री फेंकते हैं। इन्हें खाने के लिए मवेशी झगड़ते हैं। जिसमें राहगीर व ग्राहक चोटिल हो जाते हैं। सब्जी मंडी के दोनों गेट पर पहले पाइप लगे थे, जिससे पशु भीतर नहीं जा पाते थे। दुकानदारों ने पाइप निकाल दिए जिससे अब वे भीतर चले जाते हैं। (MP News)

कार्रवाई करने निर्देश दिए गए

रोड पर बैठे रहने वाले पशुओं के कारण आवागमन बाधित होता है। लोगों परेशान होते हैं। दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। ऐसे मामलों में कमी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पशुओं के कान में लगे टैग से उनके मालिकों की पहचान कर थाने में एफआईआर कराएंगे। - सिद्धार्थ जैन, कलेक्टर, हरदा

पशु पालकों पर थाने में केस दर्ज कराएंगे

नपा की टीम समय समय पर शहर सीमा में ऐसे मवेशियों को पकड़‌कर कांजी हाउस में रखती है। अब दूध लगाने के बाद या बूढे होने के कारण रोड पर मवेशी छोड़ने वाले पशु पालकों पर पुलिस थाने में केस दर्ज कराएंगे। - कमलेश पाटीदार, सीएमओ, हरदा

Updated on:
25 Sep 2025, 8:45 AM IST
Published on: