MP News: चिया सीड्स की खेती में दवाइयों की आवश्यकता कम होती है। साथ ही इस फसल को आवारा मवेशियों भी नुकसान नहीं पहुंचाते है....
MP News: रबी सीजन में चिया सीड्स की बोवनी का रकबा बढ़ा है। वहीं चने का कम हुआ है। पहले 30 से 40 प्रतिशत खेतों में चने की बुवाई की जाती थी। जबकि इस वर्ष किसानों ने चने की बोवनी से दूरी बनाते हुए चिया सीड्स की खेती को प्राथमिकता दी है। किसानों का कहना है कि चने की खेती में महंगे बीज, कीटनाशक आदि पर अधिक खर्च होता है। मौसम में बार-बार होने वाले बदलाव तथा इल्लियों के प्रकोप के कारण लागत बढ़ जाती है। बता दें कि आजकल चिया सीड्स के फायदे के चलते इसकी डिमांड भी खूब बढ़ गई है।
इसके बावजूद बाजार में चने का मंडी में वाजिब मूल्य नहीं मिल पाने से किसानों को मेहनत और लागत की तुलना में अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में अब किसानों का चने की बोवनी से मोह भंग हो रहा है। इसका सीधा असर फसलों की बोवनी के रकबे पर दिखाई दे रहा है। तहसील क्षेत्र में इस वर्ष लगभग 25 से 30 प्रतिशत खेतों में चिया सीड्स की बुवाई की गई है। जबकि चने का रकबा घटकर 10 से 15 प्रतिशत रह गया है।
किसान राहुल जाट ने बताया कि चिया सीड्स की खेती में दवाइयों की आवश्यकता कम होती है। साथ ही इस फसल को आवारा मवेशियों भी नुकसान नहीं पहुंचाते है। मौसम की मार का प्रभाव भी कम होता है। सबसे बड़ा लाभ यह है कि चिया सीड्स का बाजार भाव चने की तुलना में लगभग दोगुना मिलता है। जिससे किसानों की आमदनी बढ़ रही है। कम लागत, कम जोखिम और बेहतर दाम मिलने के कारण तहसील क्षेत्र में किसानों का रुझान तेजी से चिया सीड्स की खेती की ओर बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष कई किसानों के खेतों में चिया सीड्स की फसल लहलहा रही है।
-चिया सीड्स में मौजूद फाइबर की अधिक मात्रा पेट को देर तक भर हुआ रखती है जिससे आपको भूख कम लगती है, ये वजन कम करने में मदद करता है।
-चिया सीड्स में मौजूद फाइबर, इंसुलिन रेजिस्टेंस को घटाने और ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
-चिया सीड्स में कैल्शियम के साथ-साथ मैग्नीशियम और फ़ॉस्फोरस भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।
-चिया सीड्स में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और क्वेरसेटिन (Quercetin) एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो दिल के रोगों से बचाने में मदद करता है।
-चिया सीड्स में मौजूद प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट, त्वचा में निखार लाते हैं और फ्री रेडिकल से होने वाले स्किन डैमेज को रोकने में मदद करते हैं।