हरदोई

20 साल बाद जिला पंचायत में भाजपा की वापसी, ऐसे हुई सपा की बेदखली

सपा का जिला पंचायत में 16 वर्षों से वर्चस्व का अध्याय समाप्त हुआ, वहीं भाजपा की सत्ता के सहारे जिला पंचायत में एंट्री हो गई
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Oct 28, 2017
hardoi zila panchayat

नवनीत द्विवेदी
हरदोई. जिले में नरेश अग्रवाल परिवार का जिला पंचायत से वर्चस्व समाप्त कराने के लिए भाजपा ने सत्ता का सहारा लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष पर अनियमितताओं का आरोप लगाकर शिकायतें कीं और शिकायतों पर जांच के बाद शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा के अधिकारों को निलंबित करते हुए तीन सदस्यीय सदस्यों की संचालन समिति बना दी। संचालन समिति के तीनों सदस्य भाजपा के जिला पंचायत सदस्य हैं। इस तरह से सत्ता की हनक से जहां सपा का जिला पंचायत में 16 वर्षों से वर्चस्व का अध्याय समाप्त हुआ, वहीं भाजपा की सत्ता के सहारे जिला पंचायत में एंट्री हो गई।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण जिस तीखी और रहस्यमयी मुस्कान के साथ हरदोई की सियासत को नया रूप दे रहे हैं, वहीं उनके महारथी दंबगई के साथ अब नई भाजपा का एहसास करा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर करीब 20 वर्ष पहले भाजपा ने तत्कालीन सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश्वरी देवी को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाकर पहले तत्कालीन भाजपा के जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र द्विवेदी को अध्यक्ष पद पर पदासीन कराया था और फिर उपचुनाव कराकर तत्कालीन सपा नेत्री राजेश्वरी की ननद अनीता वर्मा को भाजपा का समर्थन देकर अध्यक्ष पद पर आसीन कराया था।

अब जब भाजपा ने इतने वर्षों बाद जिला पंचायत के अध्यक्ष पद से सपा समर्थित मीरा को बेदखल करने के लिए जो रणनीति दिखाई, उसमें पहले की भाजपा और अब की भाजपा में काफी अंतर है। इस पूरे प्रकरण में भाजपा के कई वर्षो तक जिलाध्यक्ष रहे राजीव रंजन मिश्रा एक दंबग छबि लेकर उभरे हैंं। वैसे तो विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने वाले राजीव रंजन को भाजपा में उभरते चाणक्य के रूप में देखा जा रहा था मगर जिला पंचायत के प्रकरण में उनके अक्रामक रूख ने उन्हें शब्द दिया हैै। हालांकि, राजीव रंजन इसे कार्यकर्ताओं के उत्साह से जोडक़र खुद को आज भी सामान्य कार्यकर्ता होने की बात कहते हैं।

16 वर्षों बाद सपा की बेदखली !
जिले की राजनीति का केन्द्र बिंदु रहने वाली जिला पंचायत के अध्यक्ष की कुर्सी के बारे में पिछले 20 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश्वरी के बाद भाजपा के पूर्व कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ शैलेन्द्र द्विवेदी, भाजपा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता वर्मा के बाद वर्ष 2000 से लगातार सपा का कब्जा रहा है। सीधे तौर पर सपा सांसद नरेश अग्रवाल के भाई मुकेश अग्रवाल जिला पंचायत में अध्यक्ष पद पर खुद और परिवारिक सदस्यों के रूप में काबिज रहे हैं, मगर करीब 16 वर्षो बाद भाजपा ने सत्ता के सहारे उन्हें बेदखल किया है। यह अलग बात है कि सपा के लोग इस मामले को लेकर आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए जा सकते हैं।

भाजपा के सहयोग से कब्जा और फिर भाजपा ने किया बेदखल
1998 में भाजपा की प्रदेश में सरकार बनवाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तत्कालीन कांग्रेस विधायक एवं फिर लोकतांत्रिक कांग्रेस का गठन कर लोंका सुप्रीमो बने नरेश अग्रवाल भाजपा सरकार में गठबंधन दल के ऊर्जा मंत्री रहे, मगर हरदोर्ई में वे बतौर मिनी मुख्यमंत्री के नजरिए से देखे जाते रहे और भाजपा के राजग गठबंधन के सहयोगी दल सदस्य रहे। इसके चलते उनकी भाजपा के प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से काफी नजदीकियां रहीं। नतीजन भाजपा के सहयोग से नरेश अग्रवाल ने पंचायत चुनाव 2000 में जिले भर में अपने समर्थकों को ब्लॉक प्रमुख बनवाने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पर अपने छोटे भाई मुकेश अग्रवाल को पदासीन कराया और निकाय चुनाव में हरदोई शहर से लेकर जिले भर में समर्थकों को कुर्सी दी। कुर्सी चुनाव चिंह वाले लोकतांत्रिक कांग्रेस प्रमुख नरेश अग्रवाल ने पूरे प्रदेश में समर्थकों को खूब कुर्सियां दीं, जिसके चलते प्रदेश से लेकर देश स्तर पर नरेश अग्रवाल स्थापित हुए। जिले के राजनीति में केन्द्र बिंदु रहने वाले नरेश अग्रवाल के पिता स्व: बाबू श्रीश चंद्र अग्रवाल विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। पिता के नक्शे कदम पर आगे बढ़े नरेश अग्रवाल ने भाजपा के सहयोगी दल के रूप में खुद को और अपनों को राजनीति में मजबूत किया।

बोले भाजपा जिलाध्यक्ष, दबंगई नहीं अति उत्साह कहिए !
जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा पर अनियमितताओं की शिकायतों पर शासन से उनके अधिकार निलंबन के बाद भाजपा की जिला पंचायत सदस्य जयदेवी सहित तीन सदस्यों को कार्य संचालन अधिकार मिलने और इस दौरान जिला पंचायत में दंबगई जैसे स्टाइल में भाजपाइयों के जिला पंचायत में लाव-लश्कर के रूप में दाखिल होने के सवाल पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री ने कहा कि नहीं दबंगई नहीं यह अति उत्साह जैसा प्रदर्शन हो गया, जिसको लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को फटकार भी लगाई । जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सुशासन एवं अनुशासन के मूलमंत्र से कभी परे नहीं हो सकती। रही बात कब्जे की तो भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार पर कार्यवाही जरूर होगी। जहां भी जिन संस्थाओं में भ्रष्टाचार हुआ है, वे पदों से हटने के लिए तैयार रहें।

Published on:
28 Oct 2017 11:08 am
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