किशोरी की मौत ने उठाए सवाल , क्यों नहीं समय पर पुलिस द्वारा की गई कोई कार्यवाही और क्यों नही मिल पाया इलाज, सिस्टम और समाज के लिए यह मौत बनी तंज
हरदोई . यूपी के हरदोई में रिश्तेदार द्वारा छली गई एक किशोरी की मौत ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है। मानवीय संवेदनाओं, सिस्टम और समाज पर सवाल उठाती इस किशोरी की मौत ने इस खबर को बेहद मार्मिक कर दिया हैं । जी हां, पुलिस थानों में सीमा विवाद को लेकर होने वाला टालमटोल रवैया, अस्पतालों में गरीबों को इलाज न मिल पाने के लिए टरकाऊ रूख रखने वालो के साथ ही सामाजिक संवेदनशीलता को आइना दिखाती इस मौत ने तमाम सवाल खड़े किए हैं ।
यह है पूरा मामला
हरदोई जिले के माधोगंज इलाके के निवासी धीरज कुमार उर्फ़ सोनू ने अपने भाई की ***** को बहला फुसला कर और शादी करने का झांसा देकर उसको अपने साथ दिल्ली ले गया था जहाँ उसने इस लड़की के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये और इसका शारीरिक शोषण करता रहा। इधर लड़की के माता - पिता काफी परेशांन थे लेकिन वो उनसे इसकी बात भी नहीं करवाता था पिता ने दिल्ली जाकर तलाश किया तो लड़की का कही पता भी नहीं चला। पिता ने थकहार कर थाना माधोगंज में अपने दामाद के भाई धीरज के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस द्वारा उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। आरोपी पीड़िता को उसके गांव के बाहर सड़क किनारे बदहोश हाल में फेक गया। लड़की ने बताया की उसको बहलाफुसला कर अपने साथ दिल्ली ले गया और उसके साथ एक महीने तक लगातार दुष्कर्म करता रहा, जब वह घर वालों से बात करवाने की बात कहती थी तो उसे मरता पीटता था। पिता थाने के चक्कर काटते रहा लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।
कुछ इस तरह प्रकाश में आया था मामला !
बात तीन दिन पहले की है जब अन्य कार्य दिवसों की तरह एसपी कार्यलय में समाचारों संबन्धी बाइट / वर्जन लेने के लिए अपराह्न 12 बजे के बाद मीडिया कर्मी हरदोई के SP विपिन कुमार मिश्र के कार्यालय में बैठे हुए थे इसी बीच एक पत्रकार ने एक किशोरी और उसके पिता के बारे में SP साहब को जानकारी दी कि एक किशोरी का उसके रिश्तेदार द्वारा शारीरिक शोषण और प्रताड़ित करने का मामला संज्ञान में आया है इस पर आपका क्या कहना है SP ने कहा कि कोई प्रार्थना पत्र हो या पीड़ित का कोई नंबर हो तो बात कराइए ताकि उनकी बात सुन कर उस पर नियमानुसार कारवाई की जा सके। इस पर पत्रकार द्वारा बताया गया कि पीड़ित पक्ष यहां आया हुआ है जिस पर एसपी ने उनकी बात सुनने के बाद बाइट देने की बात कही और तब उस किशोरी और उसके पिता का बयान लिया गया। कप्तान साहब ने पीड़ित पक्ष की बात सुनते हुए महसूस किया कि उसको सबसे पहले इलाज की जरूरत है उन्होंने PRO महिला पुलिस बुलाकर पीड़िता को जहां अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए वही संबंधित थाना पुलिस को फोन पर फटकार लागाते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करन के निर्देश दिए। इससे पहले पीड़िता को इंसाफ मिल पाता शुक्रवार को खबर मिली कि पीड़िता ने दम तोड़ दिया इस पीड़िता की मौत से सभी स्तब्ध रह गए क्यों कि तीन दिन पहले उसकी हालत काफी कमजोर लग रही थी और वह ठीक से बोल भी नही पा रही थी । शायद यही वजह थी सबसे पहले उसे इलाज के लिए ही अस्पताल भेजा गया था । उसकी हालत से लग रह था कि वह काफी बीमार थी ।
बोले एसपी होगी कारवाही
एसपी विपिन मिश्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है और इस बात की भी जांच कराई जाएगी क्या पीड़ित पक्ष थाने गया था और थाने गए थे तो कब गए थे और आखिर थाना स्तर पर उन्हें मदद क्यों नहीं मिली साथ ही इस बात की भी जांच कराई जाएगी कि आखिर इलाज के लिए भेजी गई किशोरी को समुचित इलाज किन कारणों से नहीं मिल सका। पुलिस किशोरी के आरोपी तलाश रही है और पूरे मामले में नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने की बात कह रही है ।
मौत पर लाचारी का मामला
जैसा कि किशोरी की मौत में प्रथम दृष्टया उसके जॉइंटिस और एनीमिया रोग से पीड़ित होने की बात सामने आई है जिससे इस बात के संकेत साफ हो गए हैं कि उक्त किशोरी को उसका रिश्तेदार अपने साथ जब दिल्ली में रखे हुए थे उस अवधि में उसको काफी प्रताड़ित किया गया और जब वह अपने घर वापस पहुंची उसके बाद भी उसके इलाज आदि की व्यवस्था नहीं हो सकी जो कि उसकी मौत का कारण बन गया पूरे मामले में एक तरफ जहां आरोपी की दरिंदगी पूरे समाज के लिए डंक बनकर तो दूसरी तरफ कहीं ना कहीं सिस्टम की लाचारी और किशोरी के परिवार में गरीबी रूपी बीमारी इस मसले पर लोगों को झकझोर रही है । पूरे मामले में अस्पताल से लेकर समाजसेवक आईना देख रहे होंगे जो मददगार होने का दम भरते हैं लेकिन शायद इस मसले में इलाज रूपी मददद पूरी तरह से नहीं मिल सकी ।