
The heaviest snowfall of the season in these areas: मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जबकि 16 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। 3 दिन बाद 19 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिससे उत्तर पश्चिम भारत का मौसम प्रभावित होगा। ताबड़तोड़ दो पश्चिमी विक्षोभ के आने से उत्तर पश्चिम भारत का मौसम बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग पहले ही अगले हफ्ते बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। उत्तर प्रदेश में रात में हरदोई का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। फिलहाल कानपुर मंडल में बारिश की कोई संभावना नहीं है।
मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार पिछले 24 घंटे में हरदोई की रात सबसे सर्द रही। यहां का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। फुरसतगंज, बरेली, कानपुर नगर और अलीगढ़ का भी तापमान 4 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। पश्चिम के जिलों में विजिबिलिटी 'जीरो' मीटर दर्ज की गई है। जबकि कानपुर में 200 मीटर की विजिबिलिटी रही है।
मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि 24 घंटे बाद पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होने वाली है। जो सीजन की सबसे भारी बर्फबारी होगी। जिससे गंगा के मैदानी भागों में भी तापमान गिरेगा। कोल्ड डे भी रहने की संभावना है। गुजरात के अरब समुद्र से आने वाली नमी के कारण बादल बनेंगे जो पश्चिम उत्तर प्रदेश में दिखाई पड़ेंगे। अगले हफ्ते से शीत दिवस और शीत लहर चलने की प्रबल संभावना है।
कानपुर मंडल के जिलों में दिन में धूप में नरमी रहेगी और तापमान भी गिरेगा। फिलहाल रात के तापमान में एक-दो डिग्री का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवा हमारे मौसम को प्रभावित करेगी और गलन बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कोहरा दिखाई पड़ेगा। अगले हफ्ते कोल्ड वेव, कोल्ड डे, और कोहरे का असर दिखाई पड़ेगा।
मौसम विभाग लखनऊ के अनुसार बीते रात में हरदोई सबसे ठंडा जिला रहा। यहां का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम था। इसके बाद फुरसतगंज का 3.4, बरेली का 3.5, कानपुर नगर का 3.8, और अलीगढ़ का 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में बलिया, हमीरपुर, और झांसी को छोड़कर अन्य हिस्सों में तापमान 4 से 8 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है।
विजिबिलिटी के मामले में उत्तर प्रदेश के सरसावा, हिंडन, और बरेली में घना कोहरा छाया रहा। यहां की विजिबिलिटी जीरो मीटर दर्ज की गई है, जबकि कानपुर और प्रयागराज की विजिबिलिटी क्रमशः 200 और 300 मीटर दर्ज की गई है। गोरखपुर और बनारस में भी कोहरे का असर दिखाई पड़ा।