हरदोई में भगवान राम और माता कौशल्या पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में सपा नेता यदुनंदन को पुलिस ने गिरफ्तार किया, वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया।
Hardoi Yadunandan controversy News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के नेता यदुनंदन लाल राजपूत (वर्मा) को भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब यदुनंदन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में वह एक सार्वजनिक मंच से भाषण देते नजर आ रहे हैं, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीराम और उनकी माता कौशल्या के बारे में कथित रूप से अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।जैसे ही यह वीडियो सामने आया, स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम सांडी क्षेत्र के अंटवा खेरवा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। यह कार्यक्रम सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें कई स्थानीय लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी मंच से बोलते हुए यदुनंदन ने अपनी सीमा लांघते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें कहीं। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन मामला तब गंभीर हुआ जब वीडियो सार्वजनिक हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। हरपालपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार (27 मार्च 2026) रात को उसकी गिरफ्तारी की गई, जिसका वीडियो भी साझा किया गया। इस वीडियो में यदुनंदन पुलिसकर्मियों के साथ सड़क पर चलते नजर आ रहे हैं, जिसे कई लोगों ने ‘पुलिस परेड’ के रूप में देखा।
वीडियो वायरल होने के बाद हरदोई समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निंदनीय बताया है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील हो जाती हैं और इसका असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम में सोशल मीडिया की भूमिका भी अहम रही। वीडियो के वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और देखते ही देखते यह राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी सामग्री को शेयर न करें और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का उपयोग करें।