
UP Political News: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और रामपुर से पूर्व सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम 17 महीने बाद हरदोई जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों की भारी भीड़ उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी।
अब्दुल्ला आजम को एक पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 17 महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। उन पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले सहित कई अन्य आरोप लगे थे, जिसके चलते उनकी विधायकी भी रद्द कर दी गई थी। हालांकि, इस मामले में अब उन्हें राहत मिली और जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया।
रिहाई के बाद अब्दुल्ला आजम ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह न्याय की जीत है। मुझे और मेरे परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया गया था। लेकिन सच को ज्यादा दिनों तक दबाया नहीं जा सकता।" उन्होंने अपने समर्थकों का आभार जताया और आगे की रणनीति पर चर्चा करने की बात कही।
अब्दुल्ला आजम की रिहाई पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, "सत्यमेव जयते! अब्दुल्ला आजम को झूठे आरोपों में फंसाया गया था, लेकिन अंततः सच की जीत हुई।"
भाजपा नेताओं ने अब्दुल्ला आजम की रिहाई पर सवाल उठाते हुए इसे "कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा" बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "अगर अदालत ने उन्हें रिहा किया है तो यह उनकी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे।"
अब्दुल्ला आजम की रिहाई के बाद रामपुर में उनके समर्थकों ने जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पर एकत्र हुए और मिठाइयां बांटी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब्दुल्ला आजम की रिहाई के बाद समाजवादी पार्टी को मजबूती मिल सकती है। रामपुर क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता पहले से ही रही है और आने वाले चुनावों में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।