हाथरस में हुई हृदय विदारक घटना में 50 से 60 लोगों की मौत हो चुकी है। जिलाधिकारी ने यह जानकारी दी है। आयोजन के संबंध में भी उन्होंने जानकारी दी है। प्रधानमंत्री ने घटना को लेकर लोकसभा में दुख व्यक्त किया है।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में मरने वालों की संख्या 90 के पार जा चुकी है। यह संख्या अभी और बढ़ सकती है। मृतकों के शिनाख्त के लिए जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है। इसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि सत्संग खत्म होने के बाद श्रद्धालु बाबा के पीछे दौड़ने लगे थे उनका प्रयास था कि चरणों की धूल ले ले। भाग दौड़ के दौरान हुआ धूल लेने के लिए झुक रहे थे। इसी दौरान एक दूसरे पर गिरते चले गए। वहीं मौके पर पानी का टैंकर भी खड़ा था और बारिश का भी पानी भरा था। जिसमें फंसकर लोगों की मौत हो गई।
हाथरस में हुए हृदय विदारक घटना में मरने वालों की संख्या अभी निश्चित नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी 50 से 60 लोगों के मरने की जानकारी दे रहे हैं। लेकिन कई मीडिया सेंटर मरने वालों की संख्या 100 से 120 बता रही है। प्रधानमंत्री ने लोकसभा में हाथरस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भगदड़ में मौत से हुई है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
सत्संग खत्म होने के बाद निकलने के दौरान भगदड़ मछली से या घटना हुई है। कितने लोग हताहत हुए हैं। इसके विषय में बता पाना मुश्किल है लेकिन पहली प्राथमिकता जो लोग घायल हुए हैं। उन्हें वहां से लाकर अस्पताल में भर्ती करना है। यहां के डॉक्टरों ने बताया है कि अब तक 50 से 60 लोगों की मौत हो गई है। परमिशन के बाद प्राइवेट आयोजन किया गया था। सत्संग परिसर के अंदर की व्यवस्था आयोग को द्वारा किया गया था बाहर के कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस की थी। जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है।
प्रधानमंत्री ने भी हादसे को लेकर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लगातार संपर्क में है। प्रधानमंत्री आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद देने के दौरान शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। केंद्र सरकार के अधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार के लगातार संपर्क में है। पीड़ितों की हर तरह से मदद की जाएगी।