हाथरस

जल संकट: विधानसभा में उठा था मुद्दा, मंत्री ने दिया गलत जवाब

रामवीर उपाध्याय ने विधानसभा में खारे पानी की समस्या के निदान के लिए किए जा रहे प्रयास के बाबत प्रश्न पूछा था।

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Mar 22, 2018

हाथरस। जिले में खारे पानी की समस्या लंबे अरसे से बनी हुई है। जिले की सादाबाद विधानसभा और सिकंदराराऊ विधानसभा के करीब 50 गांवों में यह समस्या बनी हुई है, हालांकि यह समस्या बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता पूर्व ऊर्जा मंत्री और सादाबाद के विधायक रामवीर उपाध्याय ने विधानसभा में भी उठाई। विधानसभा में पूछे गये खारे पानी के सवाल पर जो जवाब मिला है उससे विधायक रामवीर उपाध्याय संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने शासन को गलत रिपोर्ट भेजी है। रामवीर उपाध्याय ने अब दोबारा विधानसभा अध्य़क्ष को पत्र लिखा है जिसमें गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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विधानसभा में उठाय़ा था मुद्दा

बता दें कि विधानसभा के प्रथम सत्र में पूर्व ऊर्जा मंत्री और बहुजन समाज पार्टी के सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने ग्राम्य विकास मंत्री से सादाबाद ब्लॉक में खारे पानी की समस्या को लेकर सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में पूछा था। इस सवाल पर ग्राम्य विकास मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह द्वारा जो जवाब दिया गया उसे रामवीर उपाध्याय ने गलत बताया है।


मंत्री ने दिया गलत जवाब

रामवीर उपाध्याय ने कहा कि ब्लॉक सादाबाद की 90 ग्राम पंचायतें खारे पानी से की समस्या से ग्रसित हैं। जैसा कि जवाब में कहा गया है कि 13 ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन योजना संचालित है औऱ गांवों में टंकियां बनाई गई हैं, वह एकदम निराधार है। मात्र कुछ गांव में पाइप लाइन योजना संचालित है जो कि कुछ ही घरों में आकर सिमट गई है। पूरे गांव को पानी नहीं मिल पा रहा है। जवाब में उन्होंने आगे बताया है कि 2920 हैंडपंप ब्लॉक सादाबाद में लगाए गए हैं। रामवीर उपाध्याय ने अब दोबारा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख कर कहा है कि अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी है, जांच कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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Published on:
22 Mar 2018 04:59 pm
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