
हाथरस। निकाय चुनावों में हर पार्टी जीत के लिए तरह तरह के प्रयास कर ही है, वहीं खुद दावेदार भी अपनी ओर से पूरे प्रयासों में जुट गए हैं, लेकिन जनता किन मुद्दों पर वोट करेगी, यह कहना अभी जरा मुश्किल है। लेकिन जिले की हाथरस नगर पालिका के चुनावों पर पूरे जिले की निगाहें लगी हुई हैं, इस सीट के सामान्य हो जाने के बाद यहां भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की कांटे की टक्कर मानी जा रही है। सामान्य सीट पर चुनाव होने के कारण बसपा के कद्दावर नेता, उत्तर प्रदेश के पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय इन चुनावों में दिलचस्पी ले सकते हैं, वहीं भाजपा भी अपनी साख के लिए पूरी ताकत लगाए हुए है।
पिछले चुनावों में रहा है भाजपा का कब्जा काबिज
नगर पालिका हाथरस की सीट पर पिछले चुनावों में भाजपा का कब्जा काबिज रहा था, इस सीट पर भाजपा की प्रत्याशी डौली माहौर चुनाव जीती थीं। वहीं लल्लन बाबू निर्दलीय रूप से दूसरे नंबर पर प्रत्याशी रहे। लेकिन इस बार सामान्य सीट होने के बाद यहां भाजपा फिर से अपना कब्जा जमाने की जुगत में है, लेकिन बसपा भी अपना समर्थित प्रत्याशी दमदार उतारने के लिए तैयार है।
बसपा के कद्दावर नेता के परिवार का सदस्य उतर सकता है चुनावी समर में
हाथरस शहर की नगर पालिका के सामान्य सीट घोषित हो जाने के बाद यहां इस सीट पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, यहां राजनीति के धुरंधर मैदान में उतर कर आ रहे हैं, इतना ही नहीं बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय के परिवार से चुनावी समर में आने की चर्चा के बाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यहां रामवीर उपाध्याय के अनुज रामेश्वर उपाध्याय या रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी कल्पना उपाध्याय के चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान में ये दोनों जिला पंचायत सदस्य भी हैं।