
A1C Test Use: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, बिगड़ी हुई जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण ब्लड शुगर यानी डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग अपनी रोजाना की शुगर जांचने के लिए उंगली से फास्टिंग (खाली पेट) या खाने के बाद का टेस्ट करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल एक दिन की रिपोर्ट से आपकी शुगर का पूरा सच पता नहीं चलता? शरीर में शुगर का सही और सटीक हिसाब लगाने के लिए डॉक्टर A1C टेस्ट (HbA1c Test) कराने की सलाह देते हैं। यह टेस्ट आपकी त्वचा या उंगली के एक छोटे से टेस्ट से अलग, पिछले पूरे 3 महीने का औसतन रिपोर्ट कार्ड बता देता है। आइए समझते हैं कि A1C टेस्ट क्या है, इसके नंबर्स का क्या मतलब होता है और कैसे आप अपनी सेहत संभाल सकते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, A1C टेस्ट को हीमोग्लोबिन A1C (HbA1c) या ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहा जाता है। हमारे खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) में हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन होता है। जब खून में शुगर (ग्लूकोज) का स्तर बढ़ता है, तो वह इस हीमोग्लोबिन से चिपकने लगती है। हमारी लाल रक्त कोशिकाओं की औसतन उम्र लगभग 3 महीने (120 दिन) होती है। इसलिए, A1C टेस्ट यह मापता है कि आपकी लाल रक्त कोशिकाओं में कितने प्रतिशत हीमोग्लोबिन पर शुगर चिपकी हुई है। इससे डॉक्टर को यह पता चल जाता है कि पिछले 90 दिनों में आपके खून में शुगर का स्तर औसतन कितना रहा है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यदि आपकी A1C रिपोर्ट 5.7% से 6.4% के बीच आती है, तो इसे चिकित्सा की भाषा में प्री-डायबिटीज कहा जाता है। इसका सीधा सा मतलब है कि आपका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से ज्यादा है, लेकिन इतना भी ज्यादा नहीं कि इसे पूर्ण रूप से डायबिटीज घोषित कर दिया जाए। इसे आप शरीर का 'वेक-अप कॉल' (जागने का इशारा) मान सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि प्री-डायबिटीज की स्थिति को पलटा (Reverse) जा सकता है। अगर आप इस स्टेज पर संभल जाते हैं, तो भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज के खतरे से पूरी तरह बच सकते हैं।
अमेरीकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, ग्लूकोमीटर से खाली पेट (Fasting) की जांच कर लेते हैं, तो यह केवल उस एक सेकंड या उस खास दिन की शुगर बताती है। अगर आपने एक रात पहले मीठा खाया है या तनाव में हैं, तो रिपोर्ट बदल सकती है। इस टेस्ट पर किसी एक दिन की खान-पान की गड़बड़ी का असर नहीं पड़ता। यह पिछले 90 दिनों का निष्पक्ष औसत (Average) दिखाता है। A1C टेस्ट कराने के लिए आपको खाली पेट रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। आप दिन में किसी भी समय यह ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं।
यदि आपकी A1C रिपोर्ट 5.7% से ऊपर आई है, तो घबराने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल में कुछ छोटे और असरदार बदलाव करें;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।