Skin Cancer Detection: नई रिसर्च में खुलासा, AI अब पहले ही बता सकता है कि किसे स्किन कैंसर (Melanoma) का खतरा है। जानिए कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी।
Skin Cancer Detection: आजकल हेल्थकेयर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, और अब इसका फायदा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में भी दिखने लगा है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि AI की मदद से पहले ही पता लगाया जा सकता है कि किस व्यक्ति को स्किन कैंसर यानी Melanoma होने का खतरा ज्यादा है।
यह रिसर्च Sweden की पूरी वयस्क आबादी पर की गई, जिसमें 60 लाख से ज्यादा लोगों का डेटा शामिल था। इस स्टडी को रिसर्चर Sam Polesie ने लीड किया। 5 साल के अंदर करीब 38,000 लोगों को मेलानोमा हुआ, यानी कुल 0.64%।
शुरुआत में जब सिर्फ उम्र और जेंडर जैसे बेसिक फैक्टर लिए गए, तो रिस्क पहचानने की सटीकता करीब 64% थी। लेकिन जब AI ने मेडिकल हिस्ट्री, दवाइयां, और लाइफस्टाइल जैसी चीजें भी शामिल कीं, तो सटीकता बढ़कर 73% हो गई। सुनने में ये फर्क छोटा लग सकता है, लेकिन इतनी बड़ी आबादी में इसका मतलब है कि हजारों केस पहले ही पकड़ में आ सकते हैं।
AI की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उसने ऐसे छोटे ग्रुप को पहचान लिया, जिनमें कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा था। कुछ लोगों में यह खतरा 33% तक पहुंच गया, जो आम लोगों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। इससे डॉक्टरों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन लोगों पर ज्यादा ध्यान देना है।
अब तक ज्यादातर लोगों की स्क्रीनिंग एक ही तरीके से होती है, लेकिन इस रिसर्च के बाद यह तरीका बदल सकता है।
Sam Polesie के मुताबिक, “अगर हम सिर्फ हाई रिस्क वाले लोगों की जांच करें, तो ज्यादा सही रिजल्ट मिल सकते हैं और हेल्थ सिस्टम पर बोझ भी कम होगा।”
Melanoma एक खतरनाक स्किन कैंसर है, लेकिन अगर इसे समय पर पकड़ लिया जाए, तो इलाज आसान और सफल हो सकता है। देर होने पर यह शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है।
यह टेक्नोलॉजी अभी पूरी तरह से रोजमर्रा के इलाज का हिस्सा नहीं बनी है, लेकिन भविष्य में यह बहुत काम की साबित हो सकती है। AI हेल्थ डेटा को समझकर ऐसे पैटर्न पकड़ सकता है, जो इंसान के लिए देखना मुश्किल होता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।