स्वास्थ्य

Zika Virus: कोरोना संक्रमण के बीच जीका वायरस ने दी दस्तक, केरल में पहला मामला आया सामने

Zika Virus: कोरोना वायरस संक्रमण के बीच जीका वायरस ने भी दस्तक दे दी है। केरल में इसका पहला मामला सामने आया है। तिरुवनंतपुरम जिले के परसाला की 24 वर्षीय गर्भवती महिला...
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Updated: 8 Jul 2021, 11:02 PM IST
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Zika Virus in India: देश भर में अभी तक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हो पाई है। इसी के बीच केरल से ज़ीका वायरस की दस्तक देखने को मिल रही है। एडीज मच्छर से फैलने वाले जीका वायरस का मामला केरल में पहली बार सामने आया है। जीका पॉजिटिव होने के संदेह में 13 लोगों के नमूने पुष्टि के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं।


स्वास्थ्य विभाग के एक बयान में कहा गया है कि वायरस का पुष्ट मामला तिरुवनंतपुरम जिले के परसाला की 24 वर्षीय गर्भवती महिला का है, जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

महिला ने 28 जून को बुखार, सिर दर्द और लाल धब्बे के लक्षणों के साथ अस्पताल में इलाज की मांग की थी। अस्पताल में प्रारंभिक जांच में जीका के लिए थोड़ा सकारात्मक संकेत मिला। महिला की हालत स्थिर है और उसने 7 जुलाई को एक बच्चे को जन्म दिया, जबकि उसका राज्य के बाहर यात्रा का कोई इतिहास नहीं है, उसका घर केरल-तमिलनाडु सीमा के करीब स्थित है। एक हफ्ते पहले उसकी मां में भी इसी तरह के लक्षण दिखे थे।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 24 वर्षीय में जीका वायरस की पुष्टि होने के बाद, जिला निगरानी, वेक्टर नियंत्रण इकाई और राज्य कीट विज्ञान इकाई के अधिकारियों ने परसाला का दौरा किया और बीमारी के प्रसार से निपटने के उपायों की शुरुआत की। क्षेत्र से एडीज मच्छर के नमूने एकत्र किए गए और उन्हें पीसीआर परीक्षण के लिए भेजा गया है। इसको लेकर सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।

लोगों के मन में बहुत से प्रश्न उठ रहे हैं। जिनके जवाब अलग से लेख में दिए जा रहे हैं।
1. जीका वायरस क्या है?
2. जीका वायरस इंडिया में कहाँ से आया?
3. जीका वायरस कैसे फैलता है?
4. इंडिया में जीका वायरस के कितने मामले सामने आये हैं?
5. जीका वायरस की पहचान कैसे करें?
6. जीका वायरस से बचाव कैसे करें?

Web Title: Amid COVID-19 crisis, Kerala Reports 13 Cases of Zika Virus

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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