स्वास्थ्य

कोरोना के बाद अब Scrub Typhus का डर? 1500 से ज्यादा लोग हुए शिकार, बुखार समझकर न करें ये गलती

Scrub Typhus Symptoms: आंध्र प्रदेश में स्क्रब टाइफस के 1,566 केस सामने आए हैं। जानिए यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण, इलाज और सरकार के कदम।

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Jan 02, 2026
Scrub Typhus Symptoms (photo- gemini ai)

Scrub Typhus Symptoms: आंध्र प्रदेश में इस साल अब तक स्क्रब टाइफस के करीब 1,566 पक्के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, करीब 20 मौतें भी रिपोर्ट की गई हैं, हालांकि इनमें से कई मामलों की अभी जांच चल रही है कि मौत की असली वजह स्क्रब टाइफस ही थी या कोई दूसरी बीमारी।

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स्क्रब टाइफस क्या है?

स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जिसका नाम ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी है। यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलती। यह संक्रमण चिगर माइट्स नाम के बहुत छोटे कीड़ों के काटने से होता है। ये कीड़े आमतौर पर घास, झाड़ियों, खेतों और घनी वनस्पति वाले इलाकों में पाए जाते हैं।

इसके लक्षण क्या होते हैं?

स्क्रब टाइफस के लक्षण शुरुआत में आम बुखार जैसे लग सकते हैं, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। इसके आम लक्षण हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • बदन दर्द
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • काटने की जगह पर काला सा पपड़ीदार निशान (जिसे एस्कार कहते हैं)

अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और फेफड़ों में इंफेक्शन, अंग फेल होना जैसी परेशानियां पैदा कर सकती है।

इलाज और बचाव

डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते पहचान हो जाए, तो डॉक्सीसाइक्लिन जैसी एंटीबायोटिक से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसलिए बुखार लंबे समय तक बना रहे या ऊपर बताए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

किन जिलों से ज्यादा मामले?

स्क्रब टाइफस के मामले राज्य के कई जिलों से सामने आए हैं, जिनमें चित्तूर, काकीनाडा और विशाखापत्तनम शामिल हैं। इनमें चित्तूर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है।

सरकार क्या कदम उठा रही है?

स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में देश के मेडिकल एक्सपर्ट्स शामिल होंगे, जो बीमारी के फैलाव को समझेंगे और उसे रोकने के उपाय सुझाएंगे।

क्या मामले सच में बढ़ रहे हैं?

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, स्क्रब टाइफस एक मौसमी बुखार है और अभी जो मौतें रिपोर्ट हुई हैं, उनकी पुष्टि की जा रही है। IDSP पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में मामलों की संख्या पिछले साल के मुकाबले कम हुई है। 2024 में 1,689 मामले और 2025 में 1,566 मामले देखने को मिलें। पड़ोसी राज्यों में भी यही रुझान दिखा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ज्यादा केस सामने आने की वजह बेहतर जांच और रिपोर्टिंग है, न कि बीमारी का तेजी से फैलना। फिर भी, सावधानी जरूरी है। घास-झाड़ियों वाले इलाकों में जाते समय पूरे कपड़े पहनें और बुखार को हल्के में न लें।

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Published on:
02 Jan 2026 03:08 pm
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