Kidney Failure Signs: दूषित दूध पीने से किडनी फेल होने के मामले सामने आए। जानिए एन्यूरिया क्या है, इसके लक्षण, खतरे और कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
Kidney Failure Signs: हाल ही में आंध्र प्रदेश से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राजामहेंद्रवरम (Rajahmundry) में कथित रूप से दूषित दूध पीने के बाद चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। सभी मरीजों में किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या पाई गई, जिसे एन्यूरिया (Anuria) कहा जाता है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर लगभग पेशाब बनाना बंद कर देता है, जो कि किडनी फेल होने का बड़ा संकेत माना जाता है।
बताया जा रहा है कि 15 फरवरी के आसपास लोगों को अचानक उल्टी, जी मिचलाना और पेशाब कम होने जैसी शिकायतें होने लगीं। कुछ ही दिनों में हालत इतनी बिगड़ गई कि कई लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, और चार बुजुर्गों की जान चली गई।
सीधे शब्दों में कहें तो एन्यूरिया का मतलब है बहुत कम या बिल्कुल पेशाब न होना। सामान्य तौर पर अगर कोई व्यक्ति दिनभर में 100 मिलीलीटर से भी कम पेशाब करे, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। इसका मतलब है कि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही और शरीर से गंदे पदार्थ बाहर नहीं निकल पा रहे। हमारी किडनी शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है। यह खून को साफ करती है, अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। जब किडनी काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में जहरीले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे जान को खतरा हो सकता है।
एन्यूरिया खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि किडनी खराब होने का संकेत है। इसके मुख्य लक्षण हैं:
जब किडनी काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे जहरीले तत्व जमा होने लगते हैं। इससे शरीर में पानी भर सकता है, शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है और कई अंग फेल हो सकते हैं। समय पर इलाज न मिले तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।
हालांकि इस घटना की जांच अभी जारी है, लेकिन सामान्य तौर पर कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
यह घटना हमें याद दिलाती है कि खाने-पीने की चीजों की शुद्धता और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना कितना जरूरी है। अगर शरीर कोई असामान्य बदलाव दिखाए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है।