Aplastic Anemia एक गंभीर बीमारी है जिसमें बोन मैरो खून बनाना बंद कर देता है। जानिए इसके लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के तरीके आसान भाषा में।
Aplastic Anemia Symptoms: अधिकतर लोग एनीमिया (खून की कमी) को सिर्फ आयरन की कमी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन एक और खतरनाक प्रकार भी होता है जिसे Aplastic Anemia कहा जाता है। यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का ब्लड बनाने वाला सिस्टम यानी बोन मैरो ठीक से काम करना बंद कर देता है।
हमारे शरीर में बोन मैरो खून के तीन जरूरी हिस्से बनाता है। रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल और प्लेटलेट्स। लेकिन इस बीमारी में ये तीनों ही कम बनने लगते हैं। इस वजह से शरीर में खून की कमी, इंफेक्शन का खतरा और ब्लीडिंग जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसलिए इसे bone marrow failure भी कहा जाता है।
यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन ज्यादातर युवा लोगों में ज्यादा देखी जाती है। कई बार इसका सही कारण पता नहीं चल पाता, लेकिन कुछ वजहें हो सकती हैं:
इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे नजर आते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
अगर ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर से तुरंत जांच करवानी चाहिए। इसकी पुष्टि के लिए “बोन मैरो बायोप्सी” टेस्ट किया जाता है।
आज के समय में इसका इलाज संभव है। युवाओं के लिए सबसे अच्छा इलाज स्टेम सेल ट्रांसप्लांट माना जाता है, जिसमें किसी मैचिंग डोनर से नई कोशिकाएं दी जाती हैं। सही समय पर इलाज हो जाए तो ठीक होने की संभावना 90% तक हो सकती है। जो मरीज ट्रांसप्लांट नहीं करा सकते, उनके लिए दवाओं के जरिए इलाज किया जाता है, जिससे बोन मैरो धीरे-धीरे रिकवर करने लगता है।
भारत में इस बीमारी के इलाज में सबसे बड़ी दिक्कत है, जागरूकता की कमी और सही इलाज तक पहुंच। कई बार मरीज समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। इसके अलावा, स्टेम सेल डोनर की भी कमी है, जिससे ट्रांसप्लांट में देरी हो जाती है।