स्वास्थ्य

सर्दियों में किस समय धूप सेंकने से मिलता है ज्यादा विटामिन डी

स्वस्थ जीवन के लिए हड्डियों को मजबूत रखना जरूरी है। सर्द मौसम में धूप की कमी से प्राकृतिक विटामिन-डी कम ही पहुंच पाती है। ऐसे में लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी हो जाती है। इसको लेकर दिन में धूप सेंकने के उचित समय और विटामिन-डी के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने को लेकर कुछ शोध किए गए हैं।
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Dec 02, 2019
धूप

ऐसा माना जाता है कि शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा यानी बिना ढका हाथ और पैरों से प्रतिदिन 15 मिनट धूप का सेवन करने से विटामिन-डी अच्छी मात्रा में लिया जा सकता है। कई बार सवाल उठता है कि दिन का कौन सा समय सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने के लिए सबसे उपयुक्त होता है? ऐसा माना जाता है कि सुबह व शाम की धूप सबसे उपयुक्त होती है। सच्चाई यह है कि सुबह 10 से दोपहर 3 बजे के बीच के दौरान धूप का सेवन मानव शरीर की त्वचा को विटामिन-डी प्रदान करता है। हालांकि धूप के सेवन के दौरान त्वचा पर सन-ब्लॉक क्रीम या लोशन नहीं लगा होना चाहिए।
प्रदूषण रोकता है धूप
तय मानक से अधिक प्रदूषण के कारण धूप लोगों तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे में दुग्ध उत्पादों व आहार के जरिए विटामिन डी का सेवन कर सकते हैं। महिलाओं में विशेष रूप से प्री-मेनोपॉज और पोस्ट-मेनोपॉज की श्रेणी की महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोमलेशिया की आशंका ज्यादा होती है। जबकि पूरी तरह से ढकने वाली महिलाओं व सनक्रीम लगाने वाली महिलाओं में भी विटामिन-डी की मात्रा काफी कम होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी त्वचा के अंदर धूप प्रवेश नहीं कर पाता है।
बच्चों में रिकेट्स की समस्या
बच्चों में विटामिन डी की कमी से रिकेट्स की समस्या होने लगती है। बच्चों को शुरुआत में ही पर्याप्त आहार के साथ-साथ अच्छी धूप का सेवन कराना आवश्यक होता है। बच्चों को खास कर उन बच्चों को जिन्होंने मां का दूध पीना छोड़ दिया है, उन्हें विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कराना आवश्यक है।

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कसरत से मजबूत रहती है हड्डियां
इसके अलावा सर्दियों में हड्डियों को स्वस्थ रखने में कसरत से भी फायदा मिलता है। कसरत से हड्डियों का घनत्व बना रहता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
एक्सपर्ट : डॉ. संजीव गौर, ऑर्थो सर्जन, भोपाल

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
02 Dec 2019 05:26 pm
Published on:
02 Dec 2019 05:26 pm