
Bags Under Eyes Hindi: सुबह उठते ही शीशे में चेहरा देखने पर अगर आंखों के नीचे सूजन या फूले हुए बैग्स दिखाई दें, तो पूरा मूड खराब हो जाता है। अक्सर लोग इसे सिर्फ देर रात तक जगने या थकान का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और खीरे के टुकड़े रखकर काम चला लेते हैं। कभी-कभार सूजन आना तो समझ आता है, लेकिन अगर यह बार-बार या लगातार बनी रहती है, तो यह सिर्फ अधूरी नींद का मामला नहीं है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के मुताबिक, आंखों के नीचे सूजन आने के पीछे एलर्जी, खान-पान की आदतें, शरीर में पानी का जमा होना और उम्र का बढ़ना जैसे कई अहम कारण छिपे हो सकते हैं। आंखों के नीचे की यह सूजन आपके चेहरे की रंगत और खूबसूरती तो प्रभावित करती ही है, साथ ही यह आपकी सेहत और लाइफस्टाइल के बारे में भी बहुत कुछ बयान करती है। आइए जानते हैं कि आंखों के नीचे सूजन क्यों आती है और आप इसे कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, आंखों के नीचे सूजन के लिए निम्न कारण जिम्मेदार हो सकते हैं;
1.उम्र का बढ़ना और ढीली होती मांसपेशियां- जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, आंखों के आसपास के ऊतक (Tissues) और मांसपेशियों को सहारा देने वाली जगह कमजोर होने लगती है। ऐसे में जो फैट आमतौर पर आंखों को सहारा देता है, वह खिसककर नीचे की पलकों में जमा होने लगता है, जिससे वहां थैली जैसी सूजन दिखने लगती है।
2. शरीर में पानी का रुकना (Fluid Retention)- अगर आप खाने में ज्यादा नमक खाते हैं, तो शरीर में पानी रुकने लगता है। खासकर रात को भारी या ज्यादा नमकीन खाना खाने के बाद जब आप सोकर उठते हैं, तो यही जमा हुआ पानी आंखों के नीचे सूजन के रूप में उभर आता है।
3. नींद की कमी और ज्यादा थकान- अगर आप लगातार 7 से 8 घंटे की पूरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो आंखों के आसपास की रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) फैल जाती हैं। इससे वहां पानी जमा होने लगता है और आंखें सूजी हुई नजर आती हैं।
4. एलर्जी और साइनस की समस्या- अगर आपको धूल-मिट्टी, मौसम या किसी खाने की चीज से एलर्जी है, तो शरीर हिस्टामाइन नाम का केमिकल रिलीज करता है। इसके कारण आंखों में खुजली, पानी आनाऔर नीचे सूजन की शिकायत हो जाती है। आंखों को बार-बार मलने से यह सूजन और बढ़ जाती है।
5. ज्यादा शराब और स्मोकिंग- शराब पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) होता है, जिसके जवाब में शरीर पानी को जमा करने लगता है। वहीं धूम्रपान करने से त्वचा का कोलेजन खत्म होने लगता है, जिससे आंखों के नीचे की पतली चमड़ी ढीली पड़ जाती है।
6. आनुवंशिकता (Genetics)- कई बार आंखों के नीचे बैग्स होना आपकी आदतों पर नहीं, बल्कि आपके जीन पर निर्भर करता है। अगर आपके माता-पिता या खानदान में यह समस्या आम है, तो आपको भी यह परेशानी स्वाभाविक रूप से हो सकती है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी और जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के मुताबिक, अगर यह समस्या गंभीर बीमारी की वजह से नहीं है, तो आप अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़े बदलाव करके इससे राहत पा सकते हैं;
आमतौर पर आंखों के नीचे की सूजन कोई गंभीर बीमारी नहीं होती और लाइफस्टाइल सुधारने से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आपकी सूजन बहुत ज्यादा है, केवल एक ही आंख में है, दर्द या लालिमा बनी हुई है, या फिर यह आपके पैर और शरीर के बाकी हिस्सों में भी फैल रही है, तो बिना देर किए डॉक्टर या आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। यह थायराइड, किडनी या किसी गहरी एलर्जी का संकेत भी हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।