दूध को संपूर्ण आहार कहा जाता है क्योंकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्त्वों की करीब 80 फीसदी पूर्ति इससे होती है
जयपुर। दूध को संपूर्ण आहार कहा जाता है क्योंकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्त्वों की करीब 80 फीसदी पूर्ति इससे होती है। आयुर्वेद में भी दूध को श्रेष्ठ द्रव्य व प्राण देने वाला कहा गया है। शरीर में दूध की जरूरत उस समय से हो जाती है जब एक बच्चा गर्भाशय में होता है क्योंकि इस दौरान उसके शरीर के साथ हड्डिया विकसित हो रही होती हैं। इसलिए दूध हमारे सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
इतना है जरूरी
कौन सा दूध अधिक बेहतर
नवजात के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम है। छह माह उसे मां का दूध ही देना चाहिए। बच्चों व बड़ों के लिए गाय का दूध बेहतर बताया गया है। गाय का दूध उपलब्ध न होने पर भैंस या बकरी का दूध ले सकते हैं। ये विकल्प न होने पर ही विशेषज्ञ पैकेट वाला दूध लेने की सलाह देते हैं। जिन्हें सीधे दूध लेने में समस्या है वे दही, पनीर, श्रीखंड, छेना या फ्लेवर मिलवा के रूप में ले सकते हैं खासकर बच्चे, क्योंकि वे लेना पसंद नहीं करते।
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दूध में हैं ये पोषक तत्व
कब और कितना लें
दूध लेने का सबसे अच्छा समय सुबह और रात है। सुबह नाश्ते में इसे शामिल करें और रात में सोते समय गुनगुना दूध लेना कई तरह से फायदेमंद है। 200-200 ग्राम दूध दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है।