How to use Bhringraj oil for hair growth : एक साधारण सा पौधा आयुर्वेद में औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है। इसे केशराज यानी "बालों का राजा" भी कहा जाता है। भृंगराज बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है और असमय सफेद होने से रोकता है।
Stop Hair graying Hair Fall : सड़क किनारे, खेतों में या गीली मिट्टी में आसानी से उगने वाला भृंगराज दिखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों की खान माना जाता है। इसे केशराज यानी "बालों का राजा" भी कहा जाता है, लेकिन इसके फायदे सिर्फ बालों तक सीमित नहीं हैं। यह लीवर की सफाई, पाचन तंत्र को मजबूत करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी कारगर है।
भृंगराज का वैज्ञानिक नाम Eclipta Alba है और यह आस्टेरेसी कुल का पौधा है। भारत में इसे घमरा, भांगड़ा या भृंग के नाम से जाना जाता है। यह मुख्य रूप से नमी वाली जमीन में पाया जाता है और इसकी पत्तियों में तेज़ गंध के साथ औषधीय गुण छिपे होते हैं।
आयुर्वेद में भृंगराज को बालों की समस्याओं के लिए रामबाण बताया गया है।
झड़ते और सफेद होते बालों का इलाज – भृंगराज बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाता है और असमय सफेद होने से रोकता है।
रूसी और संक्रमण से बचाव – इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण सिर की त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं और डैंड्रफ खत्म करते हैं।
तेल और लेप के रूप में इस्तेमाल – भृंगराज तेल बालों की ग्रोथ बढ़ाता है, जबकि इसकी पत्तियों का लेप बालों को काला और घना बनाता है।
घर पर ऐसे बनाएं भृंगराज तेल – नारियल या सरसों के तेल में भृंगराज की पत्तियों को उबालें और छानकर ठंडा करें। इस तेल को नियमित लगाने से बालों को प्राकृतिक चमक और मजबूती मिलती है।
भृंगराज सिर्फ बाहरी सुंदरता ही नहीं, बल्कि आंतरिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
लीवर डिटॉक्स और पीलिया में लाभकारी – भृंगराज लीवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और फैटी लीवर व पीलिया जैसी समस्याओं से राहत देता है।
पाचन तंत्र को मजबूत करता है – यह जठराग्नि को बढ़ाकर भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।
एसिडिटी और गैस में राहत – भृंगराज का सेवन पेट की गैस, अल्सर और मतली जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है।
भृंगराज में मौजूद एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुण ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
रक्त शर्करा संतुलन – मधुमेह रोगियों को इसके पत्तों का काढ़ा या चूर्ण लेने की सलाह दी जाती है।
इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार – यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित कर मधुमेह की जटिलताओं को कम करता है।
भृंगराज को कई तरीकों से अपने स्वास्थ्य दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है—
भृंगराज का रस – इसे पानी में मिलाकर पीने से लीवर और पाचन स्वास्थ्य में सुधार होता है।
भृंगराज पाउडर – 1-2 ग्राम पाउडर को शहद या गुनगुने पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है।
भृंगराज कैप्सूल – आजकल बाजार में इसके कैप्सूल भी उपलब्ध हैं, जो लीवर और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, भृंगराज एक बहुपयोगी औषधि है जिसे आसानी से अपने घर में उगाया जा सकता है। इसे महंगे उत्पादों के बजाय प्राकृतिक रूप में इस्तेमाल करने से बेहतर लाभ मिल सकते हैं। जिस पौधे को आमतौर पर बेकार समझकर उखाड़ दिया जाता है, वही असल में स्वास्थ्य के लिए एक चमत्कारी खजाना है।
तो क्यों न आज से ही इस अद्भुत पौधे को अपनाया जाए और इसके गुणों से भरपूर लाभ उठाया जाए!