Psoriasis Treatment: नई रिसर्च में सामने आया कि बिमेकिजुमैब दवा सोरायसिस मरीजों में 4 साल तक त्वचा साफ रखती है और बीमारी की जड़ पर असर करती है।
Psoriasis Treatment: सोरायसिस एक लंबे समय तक चलने वाली त्वचा की बीमारी है, जो दुनिया भर में करीब 2-3% लोगों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में त्वचा की कोशिकाएं बहुत तेजी से बनने लगती हैं, जिससे लाल रंग के मोटे, खुजलीदार और परतदार दाने (प्लाक) बन जाते हैं। इसका मुख्य कारण शरीर की इम्यून सिस्टम का जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाना है।
अब एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि बिमेकिजुमैब (Bimekizumab) नाम की दवा सोरायसिस के मरीजों में चार साल तक त्वचा को पूरी तरह साफ रखने में मददगार रही। इतना ही नहीं, रिसर्च से यह भी पता चला कि यह दवा सिर्फ लक्षण दबाने का काम नहीं करती, बल्कि बीमारी की जड़ पर असर डालती है।
कई फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल और उनके लंबे फॉलो-अप के डेटा को मिलाकर देखा गया। जिन मरीजों की त्वचा 16 हफ्तों में पूरी तरह साफ हो गई, अगर उन्होंने दवा लेना जारी रखा, तो उनमें से 73% मरीजों की त्वचा चार साल बाद भी साफ बनी रही। यह सोरायसिस के इलाज में एक बड़ी बात मानी जा रही है।
बिमेकिजुमैब एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जो शरीर में मौजूद दो खास सूजन बढ़ाने वाले तत्वों IL-17A और IL-17F को रोकती है। ये दोनों ही सोरायसिस को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ज्यादातर पुरानी दवाएं सिर्फ IL-17A को रोकती हैं, लेकिन बिमेकिजुमैब दोनों को टारगेट करती है, जिससे असर ज्यादा गहरा और लंबे समय तक रहने वाला होता है।
रिसर्च में वैज्ञानिकों ने त्वचा के प्रभावित हिस्सों की गहराई से जांच की। उन्हें एक खास तरह की इम्यून सेल्स मिलीं, जिन्हें टिश्यू रेजिडेंट मेमोरी T सेल्स (TRM cells) कहा जाता है। ये सेल्स बीमारी खत्म होने के बाद भी त्वचा में बनी रहती हैं और दोबारा सोरायसिस भड़काने का कारण बनती हैं। स्टडी में पाया गया कि बिमेकिजुमैब लेने से 8 हफ्तों के अंदर इन खतरनाक TRM सेल्स से जुड़े जीन सामान्य हो गए। यानी दवा ने इन सेल्स की ताकत और लंबे समय तक जिंदा रहने की क्षमता को कम कर दिया।
इस स्टडी से यह साफ होता है कि बिमेकिजुमैब सिर्फ अस्थायी राहत नहीं देता, बल्कि लंबे समय तक बीमारी को कंट्रोल में रखने की क्षमता रखता है। इससे डॉक्टरों को इलाज की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी और मरीजों को भी यह उम्मीद मिलेगी कि सही इलाज से सोरायसिस को सालों तक काबू में रखा जा सकता है।