Body Hydration Tips: गर्मी बढ़ते ही हम बस पानी गटकने में लगे रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी कुछ आदतें ही हमारे शरीर को अंदर से सुखा रही हैं? कुछ चीजें ऐसी हैं जो शरीर में जाते ही स्पंज की तरह पानी सोख लेती हैं। अगर आप भी इस गर्मी में खुद को बचाना चाहते हैं, तो इन 5 चीजों से तुरंत तौबा कर लीजिए।
Body Hydration Tips: हम अक्सर ये सोचते हैं कि दिन भर में कितना पानी पिया, लेकिन पानी के साथ क्या खा-पी रहे हैं, ये जानना उससे भी ज्यादा जरूरी है। National Library of Medicine के अनुसार, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो शरीर में घुसते ही आपके खून और सेल्स से पानी खींच लेती हैं। अगर शरीर अंदर से सूख गया, तो इसका सीधा असर आपकी किडनी और दिमाग पर पड़ता है।
इसका सीधा मतलब ये हुआ की आप चाहें कितना ही पानी पी लें इनके सेवन से आपके शरीर में पानी की कमी होगी ही। आइए जानते हैं कि कौन-सी है वो 5 चीजें?
गर्मी में बार-बार चाय या कॉफी पीना सबसे बड़ी गलती है। इसमें जो कैफीन होता है, वो आपको बार-बार बाथरूम जाने पर मजबूर करता है। यानी आप जितना पानी पीते नहीं हैं, उससे ज्यादा ये चीजें शरीर से बाहर निकाल देती हैं। फिर दिन भर गला सूखता है और थकान रहती है।
अगर आपको चिप्स, नमकीन या ज्यादा नमक वाला खाना पसंद है, तो सावधान! नमक शरीर के अंदर जाकर पानी को चुराने का काम करता है। आप जितना ज्यादा नमक खाएंगे, शरीर उतना ही ज्यादा सूखेगा और आपको बार-बार प्यास लगेगी।
फ्रीज से निकली ठंडी कोल्ड ड्रिंक प्यास नहीं बुझाती, बल्कि शरीर को और सुखा देती है। इसमें इतनी ज्यादा चीनी होती है कि उसे पचाने के लिए शरीर को अपना बचा-खुचा पानी भी खर्च करना पड़ता है। ये ड्रिंक्स राहत देने के बजाय प्यास और बढ़ा देती हैं।
पनीर या मीट जैसी भारी चीजें पचाने में शरीर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है और बहुत पानी भी लगता है। गर्मी में जब शरीर में पहले से पानी कम हो, तो ऐसा भारी खाना पेट में गर्मी कर देता है और आपको बीमार कर सकता है।
शराब पीने से शरीर का वो सिस्टम रुक जाता है जो पानी को बचाकर रखता है। इससे किडनी जरूरत से ज्यादा पानी बाहर निकाल देती है। यही वजह है कि शराब पीने के अगले दिन सिर भारी रहता है और चक्कर आते हैं, जो असल में पानी की भारी कमी का इशारा है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।