स्वास्थ्य

Brain Cancer Treatment: अब नाक के जरिए हो सकता है ब्रेन कैंसर का इलाज? स्टडी में दिखा सुपर इफेक्ट!

Brain Cancer Treatment: नाक से दवा देकर ग्लियोब्लास्टोमा ट्यूमर तक सीधे पहुंचाया जा सकता है, इम्यून सिस्टम एक्टिव होता है और साइड इफेक्ट कम होते हैं।
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Nov 26, 2025
Brain Cancer Treatment
Brain Cancer Treatment (photo- gemini ai)

Brain Cancer Treatment: ग्लियोब्लास्टोमा ब्रेन का सबसे खतरनाक और तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है, जो हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करता है। इसकी खासियत है कि यह बहुत जल्दी फैलता है, दवा और ट्रीटमेंट के लिए रेसिस्टेंट होता है, और सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन से लंबे समय तक फायदा नहीं मिलता। एक बड़ी समस्या ब्लड-ब्रेन बैरियर है, जो दवा को सीधे दिमाग तक पहुंचने से रोकता है। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने ऐसा तरीका खोजा है जिससे दवा सीधे दिमाग तक पहुंच सकती है, और वह है नाक के जरिए दवा देना।

नाक के जरिए दवा दिमाग तक कैसे पहुंचती है

नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की कार्यवाही में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में नाक में मौजूद ओल्फेक्टरी और ट्राइजेमिनल नर्व्स सीधे दिमाग से जुड़ी होती हैं। इन रास्तों का इस्तेमाल करके दवा सीधे ट्यूमर वाली जगह तक पहुंच सकती है, जिससे शरीर के अन्य हिस्सों पर साइड इफेक्ट कम होते हैं। प्री-क्लिनिकल स्टडीज में दिखा है कि नाक के जरिए दी गई दवा ब्रेन के उन हिस्सों तक भी पहुंच जाती है, जहां आमतौर पर दवा नहीं पहुंच पाती। यह तरीका कम इनवेसिव है और लंबे समय तक दोहराया जा सकता है, जो ग्लियोब्लास्टोमा जैसे तेज कैंसर में जरूरी है।

इम्यून सिस्टम को भी एक्टिव करता है नाक का इलाज

हाल ही में एक स्टडी में cGAS-एगोनिस्टिक न्यूक्लिक एसिड्स को नाक से दिया गया, जो ना सिर्फ ट्यूमर पर काम करते हैं बल्कि शरीर की इम्यून सिस्टम को भी एक्टिव करते हैं। ये न्यूक्लिक एसिड्स cGAS-STING पाथवे को सक्रिय करते हैं, जिससे इम्यून सेल्स ट्यूमर पर हमला करने लगते हैं। ट्यूमर के आसपास का इम्यून-सप्रेसिव माहौल बदल जाता है और शरीर खुद कैंसर से लड़ने लगता है।

नाक से दवा देने के फायदे

नाक का तरीका इन्ट्राक्रैनीअल इंजेक्शन की तुलना में कम दर्दनाक और आसान है। यह दवा को सीधे ट्यूमर तक पहुंचाता है और इम्यून सिस्टम को भी सक्रिय करता है। भविष्य में इसे कीमोथेरेपी या रेडिएशन के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि मरीजों की रिकवरी बेहतर हो। इसके अलावा, यह तरीका अन्य न्यूक्लिक एसिड-बेस्ड थैरेपीज के लिए भी रास्ता खोल सकता है, जो न्यूरोलॉजिकल और मुश्किल ट्यूमर के इलाज में मदद कर सकती हैं।

Updated on:
26 Nov 2025 01:36 pm
Published on:
26 Nov 2025 01:36 pm