
Brain Freeze Symptoms: ठंडी आइसक्रीम खाना या फ्रिज का ठंडा पानी पीने के तुरंत बाद सिर में अचानक तेज दर्द उठने लगता है। ऐसा लगता है जैसे सिर के अंदर कुछ चुभ रहा हो। कुछ सेकंड तक रहने वाला यह दर्द इतना तेज हो सकता है कि इंसान कुछ पल के लिए रुक जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे ब्रेन फ्रीज (Brain Freeze) कहते हैं। मेडिकल भाषा में इसे कोल्ड स्टिमुलस हेडेक या आइसक्रीम हेडेक भी कहा जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं होती और कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाती है। आइए जानते हैं कि इसके कारण, लक्षण और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, ब्रेन फ्रीज एक तरह का अचानक होने वाला सिरदर्द है, जो बहुत ठंडी चीज खाने या पीने से शुरू होता है। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति जल्दी-जल्दी आइसक्रीम खाता है या बर्फ वाला पानी पीता है, तो मुंह के ऊपरी हिस्से और गले के पीछे का तापमान अचानक कम हो जाता है। इसका असर सिर में दर्द के रूप में महसूस होता है। इसमें दर्द ज्यादातर माथे, आंखों के आसपास या कनपटी में होता है। यह दर्द कुछ सेकंड से लेकर एक-दो मिनट तक रह सकता है। इसके बाद बिना किसी दवा के अपने आप ठीक हो जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, जब बहुत ठंडी चीज मुंह के ऊपरी हिस्से या गले के पिछले भाग को छूती है, तो शरीर अचानक तापमान में आए बदलाव पर प्रतिक्रिया देता है। इस दौरान वहां मौजूद छोटी रक्त वाहिकाओं का आकार तेजी से बदलता है। पहले ये सिकुड़ती हैं और फिर फैलती हैं। इस बदलाव से दर्द का संकेत दिमाग तक पहुंचता है और सिर में तेज दर्द महसूस होने लगता है। ठंडी चीज तेजी से खाने या पीने पर मुंह के पीछे मौजूद रक्त वाहिकाओं में अचानक बदलाव होता है। इससे दर्द महसूस कराने वाले रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं। यही वजह है कि आइसक्रीम खाते समय अचानक सिर में दर्द उठ सकता है।
ब्रेन फ्रीज से बचने का तरीका है कि बहुत ठंडी चीजें एक साथ या जल्दी-जल्दी न खाएं। आइसक्रीम छोटे निवाले लेकर धीरे-धीरे खाएं। ठंडा पानी भी एक साथ गटकने के बजाय छोटे घूंट में पिएं। इससे मुंह और गले के तापमान में अचानक बदलाव नहीं होगा।
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या बिना कुछ ठंडा खाए अचानक तेज दर्द उठता है तो इसे सामान्य ब्रेन फ्रीज समझकर नजरअंदाज न करें। बोलने में परेशानी हो, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आए या देखने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।