स्वास्थ्य

वो बीमारियां जो शरीर को धीरे-धीरे खत्म कर देती हैं…जानिए उन 7 Rare Diseases के नाम जिसका इलाज हुआ सस्ता

Rare Diseases: बजट 2026 में Rare Diseases के इलाज को राहत। 7 नई बीमारियों पर कस्टम ड्यूटी छूट, जानिए भारत में इलाज और मरीजों की मुश्किलें।

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Feb 02, 2026
Rare Diseases (photo- gemini ai)

Rare Diseases: भारत में जब बीमारियों की बात होती है, तो ज्यादातर चर्चा कैंसर, डायबिटीज या हार्ट डिजीज पर होती है। लेकिन देश में ऐसी कई Rare Diseases (दुर्लभ बीमारियां) हैं, जिनसे जूझ रहे मरीज और उनके परिवार अक्सर चुपचाप संघर्ष करते रहते हैं। इलाज महंगा, दवाएं विदेश से मंगानी पड़ती हैं और जानकारी की भी कमी होती है।

Budget 2026 में सरकार ने ऐसे मरीजों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि 7 और Rare Diseases को कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में लाया जाएगा। अब इन बीमारियों के लिए जरूरी दवाएं, मेडिकल फूड और थैरेपी बिना बेसिक कस्टम ड्यूटी के व्यक्तिगत रूप से इम्पोर्ट की जा सकेंगी।

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Rare Diseases क्या होती हैं?

Rare Diseases वे बीमारियां होती हैं जो बहुत कम लोगों में पाई जाती हैं, लेकिन इनका असर बेहद गंभीर होता है। इनका इलाज लंबा, जटिल और बेहद महंगा होता है। कई मामलों में इलाज पूरी तरह विदेश से आने वाली दवाओं पर निर्भर करता है।

भारत में पाई जाने वाली प्रमुख Rare Diseases

National Policy for Rare Diseases (NPRD) के तहत जिन बीमारियों को चिन्हित किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • Lysosomal Storage Disorders (LSDs) - शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं
  • Mucopolysaccharidosis (MPS) - हड्डियों, अंगों और ग्रोथ पर असर
  • Spinal Muscular Atrophy (SMA) - मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं
  • Duchenne Muscular Dystrophy (DMD) - बच्चों में मसल्स तेजी से खत्म होती हैं
  • Wolman Disease - पाचन तंत्र और लीवर को नुकसान
  • Hypophosphatasia - हड्डियां कमजोर हो जाती हैं
  • Neuronal Ceroid Lipofuscinosis - दिमाग और नर्व सिस्टम पर असर
  • Cystic Fibrosis - फेफड़ों और पाचन तंत्र की बीमारी
  • AHUS और Hereditary Angioedema - जानलेवा जटिलताएं

Rare Diseases के मरीजों की रोजमर्रा की मुश्किलें

इन बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को सबसे बड़ी परेशानी इलाज का खर्च होता है। कई दवाएं सालाना करोड़ों रुपये तक की होती हैं। भारत में इन दवाओं का निर्माण सीमित है, इसलिए मरीज Imported Drugs पर निर्भर रहते हैं। कस्टम ड्यूटी, टैक्स और सप्लाई की दिक्कतें इलाज को और मुश्किल बना देती हैं।

भारत में Rare Diseases का इलाज

भारत में कुछ बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों में Rare Diseases का इलाज शुरू हो चुका है। AIIMS, PGI, और कुछ मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स में Genetic Testing, Enzyme Replacement Therapy, Supportive Care और Symptom Management उपलब्ध है। सरकार National Policy for Rare Diseases के तहत आर्थिक सहायता और इलाज के विकल्प बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

बजट से क्या बदलेगा?

कस्टम ड्यूटी हटने से दवाएं सस्ती होंगी, इलाज तक पहुंच आसान होगी और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। यह कदम दिखाता है कि सरकार अब सिर्फ आम बीमारियों पर नहीं, बल्कि कम दिखने वाली लेकिन गंभीर बीमारियों पर भी ध्यान दे रही है।

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Updated on:
02 Feb 2026 02:30 pm
Published on:
02 Feb 2026 02:26 pm
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