स्वास्थ्य

मुंह और जीभ में जलन, लेकिन जांच में कुछ नहीं आता, मेयो क्लिनिक से जानें क्या होता है Burning Mouth Syndrome

Burning Mouth Syndrome: मुंह और जीभ में लगातार जलन रहती है और जांच नॉर्मल आती है? मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें बर्निंग माउथ सिंड्रोम के कारण, लक्षण और इससे राहत पाने के उपाय।
3 min read
• •
Updated: 6 Nov 2026, 7:00 AM IST
A person experiencing tongue and mouth burning sensation, representing Burning Mouth Syndrome where medical tests appear completely normal.
मुंह और जीभ में बिना किसी स्पष्ट जख्म के लगातार रहने वाली तेज जलन 'बर्निंग माउथ सिंड्रोम' (BMS) का संकेत हो सकती है, जो तंत्रिका तंत्र और मानसिक तनाव से जुड़ी होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Burning Mouth Syndrome: कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपके मुंह के भीतर, खासकर जीभ, मसूड़ों या तालू पर बिना किसी साफ वजह के तेज जलन या सिहरन हो रही हो? मानो किसी ने गरम चाय से जीभ जला दी हो या लाल मिर्च सीधे रगड़ दी हो। आप डॉक्टर के पास जाते हैं, ब्लड टेस्ट करवाते हैं, डेंटिस्ट से भी चेकअप करवाते हैं और रिपोर्ट्स पूरी तरह नॉर्मल आती हैं। डॉक्टर कहते हैं, सब ठीक है, कोई जख्म या इन्फेक्शन नहीं है। लेकिन तकलीफ तो असल है, दर्द भी असली है। अगर आपके या आपके किसी जानने वाले के साथ ऐसा बार-बार हो रहा है, तो यह महज कोई आम समस्या नहीं है। इसे मेडिकल की भाषा में बर्निंग माउथ सिंड्रोम (Burning Mouth Syndrome - BMS) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि इसके कारण और लक्षण क्या हैं।

क्या है बर्निंग माउथ सिंड्रोम (BMS)?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, बर्निंग माउथ सिंड्रोम एक ऐसी क्रॉनिक (लंबे समय तक रहने वाली) स्थिति है जिसमें मुंह के अंदर बिना किसी चोट, छाले या इन्फेक्शन के लगातार जलन, सुन्नपन या चुभन महसूस होती है। यह समस्या मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है;

  • प्राइमरी (प्राथमिक) BMS- जब इसके पीछे शरीर में कोई दूसरी बीमारी या स्पष्ट कारण नहीं मिलता। इसमें समस्या सीधे तौर पर मुंह की नसों (Nerves) के काम करने के तरीके से जुड़ी होती है।
  • सेकेंडरी (द्वितीयक) BMS- जब यह किसी अन्य शारीरिक समस्या जैसे हॉर्मोनल बदलाव, मुंह का सूखना (Dry Mouth), न्यूट्रिशियन की कमी या डायबिटीज की वजह से पैदा होती है।

बर्निंग माउथ सिंड्रोम (BMS) किस कारण से होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, भले ही ऊपरी तौर पर मुंह बिल्कुल साफ और स्वस्थ दिखाई दे, लेकिन अंदरूनी तंत्रिका तंत्र (Nervous System) में गड़बड़ी इसकी जड़ में होती है। इसके मुख्य कारणों को इस तरह समझा जा सकता है;

  • नसों का डैमेज होना- जीभ और मुंह के हिस्सों को दिमाग तक संवेदना पहुंचाने वाली नसें जब किसी वजह से कमजोर या ओवर-सेंसिटिव हो जाती हैं, तो वे दिमाग को जलन का झूठा और लगातार सिग्नल भेजने लगती हैं।
  • मुंह का सूखापन (Xerostomia)- लार (Saliva) हमारे मुंह की रक्षा करती है। जब लार बनना कम हो जाता है, तो मुंह में सूखापन और जलन पैदा होने लगती है।
  • हॉर्मोनल असंतुलन- खासकर महिलाओं में मेनोपॉज (Menopause) के बाद एस्ट्रोजन हॉर्मोन में गिरावट आने से यह समस्या बहुत आम हो जाती है।
  • पोषक तत्वों की कमी- शरीर में विटामिन बी-12, फोलेट, आयरन या जिंक की कमी सीधे तौर पर ओरल हेल्थ को प्रभावित करती है।
  • मानसिक तनाव और एंग्जायटी- डिप्रेशन, बहुत ज्यादा चिंता या क्रॉनिक स्ट्रेस का सीधा असर नसों पर पड़ता है, जिससे दर्द और जलन की अनुभूति कई गुना बढ़ जाती है।

कैसे पहचानें कि यह BMS ही है?

इस सिंड्रोम के लक्षण बहुत अजीब और अलग होते हैं, जो सुबह के वक्त थोड़े कम हो सकते हैं लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता है, इनकी तीव्रता बढ़ती जाती है। मुख्य लक्षण हैं;

  • जीभ (खासकर किनारे और नोंक पर), होंठ, मसूड़ों और तालू पर तेज जलन या झनझनाहट।
  • मुंह के भीतर ऐसा स्वाद रहना जैसे कोई धातु (Metallic Taste) या कड़वापन घुल गया हो।
  • मुंह या जीभ का सुन्न पड़ जाना।
  • कुछ भी खाने-पीने में भले ही तकलीफ न हो (क्योंकि छाले नहीं हैं), लेकिन जलन का अहसास लगातार बना रहना।

क्या इसका कोई पक्का इलाज संभव है?

इसके लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसका इलाज थोड़ा धैर्य और समझदारी मांग है। डॉक्टर सबसे पहले यह सुनिश्चित करते हैं कि यह किसी और बीमारी (जैसे डायबिटीज या फंगल इन्फेक्शन) की वजह से तो नहीं है। अगर सेकेंडरी कारण मिल जाए, तो उसे ठीक किया जाता है। प्राइमरी BMS के मामले में कुछ प्रैक्टिकल कदम बहुत मददगार साबित होते हैं;

  • नसों को शांत करने वाली दवाइयां।
  • माउथवॉश और हाइड्रेशन।
  • मसालेदार और खट्टी चीजों से परहेज।
  • तनाव प्रबंधन (Stress Management)।

अगर आपके मुंह में भी लंबे समय से ऐसी अनजान जलन बनी हुई है और तमाम जांचें नॉर्मल आ रही हैं, तो घबराएं नहीं कि यह क्या हो गया है। यह बर्निंग माउथ सिंड्रोम हो सकता है। अपने डॉक्टर या न्यूरोलॉजिस्ट से खुलकर बात करें, अपनी जीवनशैली में थोड़े बदलाव करें और मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें। सेहत सिर्फ शरीर की नहीं, आपके नर्वस सिस्टम की भी मांगती है पूरा ध्यान!

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
Also Read
View All
Dhanteras Ayurveda: धनतेरस और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का क्या संबंध है, महत्व, इतिहास के बारें में जानिए

Festive Stress: त्योहारों में तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन कैसे कम करें? मनोचिकित्सक से जानें बेहतर नींद और मानसिक सेहत के उपाय

Diwali Burn First Aid: जलने पर त्वचा पर कौन-सी चीजें लगाने से बचें? मेयो क्लिनिक और NHS से जानें फर्स्ट एड और अस्पताल जाने के संकेत

 AQI Diwali: दिवाली के आसपास वायु प्रदूषण क्यों बढ़ता है? AAFA से जानें AQI, सही मास्क, एक्सरसाइज के समय से जुड़ी बातें

Postural Tachycardia Syndrome: बैठने या लेटने के बाद खड़े होते ही कुछ लोगों का दिल क्यों तेज धड़कने लगता है? Cleveland Clinic से जानें