
Calcium Blood Test: जब भी कैल्शियम का नाम आता है, तो हममें से ज्यादातर लोग केवल मजबूत हड्डियों और दांतों के बारे में ही सोचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैल्शियम हमारे दिल को सही तरीके से धड़काने, मांसपेशियों को सुचारू रूप से चलाने और नसों के जरिए दिमाग तक मैसेज पहुंचाने के लिए भी बेहद जरूरी होता है? हमारे शरीर में मौजूद ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों में जमा होता है, लेकिन इसका एक छोटा और बेहद जरूरी हिस्सा हमारे खून में लगातार बहता रहता है। खून में कैल्शियम का स्तर न तो बहुत ज्यादा होना अच्छा होता है और न ही बहुत कम। अगर शरीर में इसका संतुलन बिगड़ जाए, तो कई तरह की सेहत संबंधी परेशानियां सामने आने लगती हैं। इसी संतुलन या स्तर की जांच करने के लिए डॉक्टर कैल्शियम ब्लड टेस्ट (Calcium Blood Test) कराने की सलाह देते हैं। आइए समझते हैं कि यह टेस्ट क्या है, यह कब कराया जाता है और इसके नतीजे क्या बताते हैं।
वेबएमडी के मुताबिक, कैल्शियम ब्लड Test एक साधारण सा खून का परीक्षण है, जिससे यह पता चलता है कि आपके रक्त में कैल्शियम की मात्रा सही है या नहीं। प्रयोगशाला (Lab) में यह टेस्ट मुख्य रूप से दो तरीकों से किया जाता है;
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, डॉक्टर रुटीन हेल्थ चेकअप के दौरान या जब शरीर में कुछ खास तरह की दिक्कतें दिखने लगती हैं, तब यह टेस्ट लिखते हैं। अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो कैल्शियम ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत पड़ सकती है;
कैल्शियम का स्तर सिर्फ हड्डियों से नहीं जुड़ा होता, बल्कि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के काम करने के तरीके को भी दर्शाता है। यह टेस्ट कई बीमारियों की पहचान करने में मदद करता है, जैसे;
यह एक बहुत ही साधारण ब्लड टेस्ट है, जिसके लिए लैब में सिर्फ आपकी बांह से थोड़ा सा खून लिया जाता है। ज्यादातर मामलों में इसके लिए खाली पेट (Fasting) रहने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर डॉक्टर ने कोई अन्य टेस्ट भी साथ में लिखा है, तो वे खाली पेट आने की सलाह दे सकते हैं। अगर आप कोई दवा, एंटासिड या कैल्शियम/विटामिन D के सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, तो टेस्ट से पहले अपने डॉक्टर को जरूर बताएं। कई बार कुछ दवाएं टेस्ट के नतीजों पर असर डाल सकती हैं।