
Mobile Etiquette क्या होता है? (representative image) image credit Magnific
Mobile Etiquette: मोबाइल फोन आज के समय में हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है। ऐसे में फोन का इस्तेमाल सिर्फ अपनी सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों की सुविधा और सम्मान का ध्यान रखते हुए करना भी जरूरी है। इसलिए मोबाइल एटिकेट को समझना जरूरी है, ताकि फोन इस्तेमाल करते समय सामने वाले व्यक्ति को असुविधा न हो और बातचीत के दौरान एक दूसरे पर पूरा ध्यान बना रहे। आइए जानते हैं, फोन पर बात करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बस, ट्रेन, अस्पताल, ऑफिस, रेस्टोरेंट या किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर फोन पर तेज आवाज में बात करने से आसपास के लोगों को परेशानी हो सकती है। खासकर स्पीकरफोन पर बात करने से आपकी बातचीत की आवाज दूसरों तक भी पहुंच सकती है। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर फोन पर बात करते समय आवाज धीमी रखें। अगर बातचीत लंबी है या निजी बात करनी है, तो ऐसी जगह चले जाएं जहां दूसरों को परेशानी न हो।
अगर आप किसी व्यक्ति से आमने सामने बात कर रहे हैं, तो बार बार फोन देखने या नोटिफिकेशन चेक करने से सामने वाले को लग सकता है कि आप उसकी बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खासकर डिनर, परिवार के साथ समय बिताने या दोस्तों के साथ मिलने के दौरान फोन को एक तरफ रखना बेहतर होता है। इससे आप सामने वाले व्यक्ति के साथ बातचीत पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) में प्रकाशित 2021 की एक रिसर्च में यह देखा गया कि बातचीत के दौरान मोबाइल फोन पास में होने से लोगों की बातचीत और आपसी जुड़ाव पर क्या असर पड़ता है। इस रिसर्च में 356 लोगों और 136 ग्रुप को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने 2013 में हुई एक रिसर्च के नतीजों को दोबारा जांचा, जिसमें मोबाइल फोन की मौजूदगी को बातचीत की गुणवत्ता में कमी से जोड़ा गया था। हालांकि, 2021 की रिसर्च में 2013 के नतीजे दोबारा देखने को नहीं मिले। इसमें मोबाइल फोन की मौजूदगी से लोगों के आपसी जुड़ाव या रचनात्मकता पर कोई खास असर नहीं पाया गया। इसलिए सिर्फ मोबाइल फोन के पास होने से बातचीत खराब होती है, ऐसा पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। फिर भी बातचीत के दौरान फोन को अलग रखने से सामने वाले व्यक्ति पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।
ऑफिस या किसी पेशेवर बातचीत में फोन उठाते समय अपना नाम और जरूरत के अनुसार संस्था या विभाग का नाम बताना अच्छा तरीका माना जाता है। इससे सामने वाले व्यक्ति को तुरंत पता चल जाता है कि उसने सही व्यक्ति से संपर्क किया है। इसके अलावा कॉल की शुरुआत में अपना परिचय देने से बातचीत को सहज तरीके से शुरू करने में भी मदद मिल सकती है।
फोन पर बातचीत करते समय सिर्फ अपनी बात कहने के बजाय सामने वाले व्यक्ति की बात भी ध्यान से सुनें। अगर कोई बात समझ में न आए तो बीच में सही तरीके से सवाल पूछ सकते हैं। बातचीत के दौरान सामने वाले की बात पूरी सुनने से गलतफहमी कम हो सकती है और बातचीत ज्यादा बेहतर तरीके से आगे बढ़ती है।
अगर आप किसी जरूरी काम, मीटिंग या बातचीत में हैं, तो गैर जरूरी कॉल और नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए बंद या साइलेंट कर सकते हैं। इससे बार बार फोन देखने की आदत कम हो सकती है और आपका ध्यान अपने काम या सामने वाले व्यक्ति पर बना रहता है।
अगर फोन पर बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर बहस या तनाव की स्थिति बन जाए, तो तुरंत गुस्से में जवाब देने से बचें। कुछ पल रुककर शांत होने के बाद अपनी बात रखना बेहतर हो सकता है।
Updated on:
02 Oct 2026 01:05 pm
Published on:
02 Oct 2026 12:43 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
