स्वास्थ्य

Cancer Awareness: 2050 तक कैंसर की सुनामी, हर साल आ सकते हैं 3 करोड़ नए मरीज, रिपोर्ट में हुआ डरावना खुलासा

Cancer Awareness: 2050 तक दुनिया में हर साल 3.05 करोड़ नए कैंसर केस आ सकते हैं। रिपोर्ट में दावा, समय पर कदम उठाकर 40% मौतें रोकी जा सकती हैं।
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Jan 08, 2026
Cancer Awareness
Cancer Awareness (photo- gemini ai)

Cancer Awareness: दुनियाभर में कैंसर तेजी से बढ़ता हुआ वैश्विक संकट बन चुका है। ताजा अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, 1990 से अब तक कैंसर के नए मामलों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। ठोस रोकथाम और इलाज की रणनीतियां नहीं अपनाई गईं तो 2050 तक हर साल 3.05 करोड़ नए कैंसर मामले सामने आएंगे।

भयावह होती जा रही है स्थिति

  • 2023 में दुनियाभर में 1.85 करोड़ नए कैंसर केस आए
  • 1.04 करोड़ लोगों की कैंसर से जान चली गई
  • 1990 की तुलना में कैंसर केस 105% बढ़ गए
  • मौतों में 74% की बढ़ोतरी दर्ज की गई

अकेले तंबाकू सेवन ही 21% कैंसर मौतों के लिए जिम्मेदार है। पुरुषों में यह आंकड़ा 46% है। महिलाओं में यह जोखिम 36% है।

गरीब देश इसकी चपेट में आ रहे

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अधिकांश मामले और मौतें अब निम्न और मध्यम आय वाले देशों में दर्ज की जा रही हैं। उच्च आय वाले देशों में बेहतर इलाज, समय पर जांच और प्रभावी स्वास्थ्य नीतियों के कारण कैंसर से मृत्यु दर में कमी आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मौतों में से करीब 42% मौतें ऐसे कारणों से जुड़ी हैं जिन्हें बदला या रोका जा सकता है।

भविष्य की तस्वीर और भयानक

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहे, तो वर्ष 2050 तक हर साल दुनिया भर में 3.05 करोड़ नए कैंसर मामले सामने आएंगे। सालाना मौतों की संख्या बढ़कर 1.86 करोड़ तक पहुंच सकती है। अगले 25 वर्षों में कैंसर के नए मामलों में 61% और मौतों में लगभग 75% की वृद्धि होने का अनुमान है।

ब्रेस्ट कैंसर बना बड़ा खतरा

2023 में ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में सबसे अधिक पाए जाने वाला कैंसर रहा। जबकि ट्रेकिया, ब्रोंकस और फेफड़ों का कैंसर मौतों का सबसे बड़ा कारण बना रहा। 1990 से 2023 के बीच लेबनान में कैंसर की दर और मृत्यु दर में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूएई में कैंसर केस की दर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कजाखस्तान में कैंसर से मृत्यु दर में सबसे बड़ी कमी दर्ज की गई।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
08 Jan 2026 10:34 am
Published on:
08 Jan 2026 10:32 am