Cancer Cause: वर्ल्ड वाइड कैंसर रिसर्च में एक चौंका देने वाला खुलासा हुआ है कि एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के मामले में व्यक्ति की आनुवंशिक बनावट (Genetics) से कहीं ज्यादा जोखिम उसके शरीर के वजन यानी बीएमआई (BMI) से जुड़ा है।
Cancer Cause: अक्सर हम मानते हैं कि अगर हमारी फैमिली हिस्ट्री या जीन में कोई बीमारी लिखी है, तो उससे बचना नामुमकिन है। कैंसर के मामले में भी यही धारणा बनी हुई है। वर्ल्ड वाइड कैंसर रिसर्चके एक शोध में एक चौंका देने वाला खुलासा हुआ है कि एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के मामले में व्यक्ति की आनुवंशिक बनावट (Genetics) से कहीं ज्यादा जोखिम उसके शरीर के वजन यानी बीएमआई (BMI) से जुड़ा है।
गर्भाशय के कैंसर (Endometrial Cancer) के लिए जिम्मेदार 'जेनेटिक रिस्क स्कोर' के मुकाबले खराब बीएमआई (मोटापा) जोखिम को कई गुना अधिक बढ़ा देता है।आइए जानते है कि क्या कहती है ये नहीं रिसर्च और कैसे सिर्फ वजन को कंट्रोल करके कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है।
हमारे शरीर में जब चर्बी बढ़ती तो केवल वजन ही नहीं बढ़ता उसके साथ शरीर में इंसुलिन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोनों के स्तर को बिगाड़ देता है। बढ़ा हुआ इंसुलिन कोशिकाओं के अनियंत्रित विकास को बढ़ावा दे सकता है, जो कैंसर की शुरुआत का मुख्य कारण बनता है। हमारे शरीर में फैट टिश्यू बढ़ने से पुरानी सूजन बनी रहती है, जो कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाती है।
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस स्टडी में स्पष्ट किया है कि भले ही किसी महिला का जेनेटिक रिस्क स्कोर बहुत कम हो (यानी उसे विरासत में कैंसर का खतरा न मिला हो), लेकिन यदि उसका वजन (BMI) ज्यादा है, तो उसे कैंसर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।