Cancer Prevention: हम में से काफी लोग जली हुई रोटी को भी कुरकुरे स्वाद के चक्कर में खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यह जली हुई रोटी ही आपको कैंसर का मरीज बना सकती है? आइए जानते हैं कि जली हुई रोटी से कैंसर कैसे होता है? इससे बचने के लिए कौन से उपाय अपनाने चाहिए।
Cancer Prevention: आपने कभी गौर किया है कि जब हम रोटी बनाते हैं तो बिल्कुल सफेद रोटी बनना बहुत मुश्किल होता है। उस रोटी पर कई हल्के और गहरे भूरे रंग के चकत्ते हो जाते हैं और बहुत ज्यादा जल जाने पर वे स्वाद में कड़वे लगते हैं। अक्सर ऐसा तब होता है जब कोई नया व्यक्ति रोटी बनाना सीख रहा होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह जली हुई रोटी खाना आपको कैंसर का शिकार बना सकता है? जी हां, कैंसर विशेषज्ञों ने लोगों में जागरूकता लाने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर यह जानकारी शेयर की है कि जली हुई रोटी कैंसर का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि कैंसर का जली हुई रोटी और ब्रेड से क्या संबंध है? जली हुई रोटी खाने के नुकसान क्या होते हैं और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए?
कैंसर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब हमारी ब्रेड या रोटी का कुछ हिस्सा जल जाता है, तो हम उसे कुरकुरी और स्वाद में अच्छी समझकर खा लेते हैं। कई लोग जानबूझकर स्वाद के लिए ऐसी रोटी बनाते हैं, लेकिन यही आदत शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ा देती है। ब्रेड और रोटी जब जलती है, तो उसमें खतरनाक 'एक्रिलामाइड' केमिकल रिएक्शन होता है जो कैंसर का कारण बनता है।
जब रोटी को 120 डिग्री से ज्यादा तापमान पर पकाया जाता है, तो उसमें उपस्थित शुगर और अमीनो एसिड मिलकर 'एक्रिलामाइड' बनाते हैं, जो कैंसर का बहुत बड़ा कारण होता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार यह तत्व शरीर में कैंसर पैदा करने की शक्ति रखता है। जब हम लगातार जली हुई चीजें खाते हैं, तो शरीर में विषैले तत्व ज्यादा बनने लगते हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।