Vegetables and Cancer Risk: Nature Medicine की रिसर्च में पेस्टीसाइड picloram को Colon Cancer के खतरे से जोड़ा गया। जानें कैसे आपकी सब्जियां बन सकती हैं जोखिम।
Cancer Causing Chemicals: आजकल हम हेल्दी रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा सब्जियां और अनाज खाने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही सब्जियां कभी-कभी आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकती हैं? हाल ही में जर्नल Nature Medicine में पब्लिश एक स्टडी (Epigenetic fingerprints link pesticide exposure to early-onset colorectal cancer) ने ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है।
इस रिसर्च में पाया गया कि खेती में इस्तेमाल होने वाला एक आम केमिकल पिक्लोराम (Picloram) कम उम्र में होने वाले कोलन कैंसर (Colorectal Cancer) से जुड़ा हो सकता है। यह केमिकल फसलों पर खरपतवार (weed) खत्म करने के लिए छिड़का जाता है और फिर यही हमारे खाने के जरिए शरीर में पहुंच सकता है।
इस स्टडी की खास बात यह है कि वैज्ञानिकों ने DNA के जरिए यह पता लगाया कि इंसान किन-किन केमिकल्स के संपर्क में रहा है। यानी शरीर खुद एक रिकॉर्ड बनाकर रखता है। इस रिकॉर्ड में पेस्टीसाइड्स के निशान भी मिले, जो कैंसर के खतरे से जुड़े पाए गए।
पहले कोलन कैंसर 50 साल के बाद की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30-40 साल के लोगों में भी इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आज की युवा पीढ़ी बचपन से ही इन केमिकल्स के संपर्क में आ रही है, जिससे खतरा बढ़ गया है।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि glyphosate और atrazine जैसे अन्य पेस्टीसाइड्स भी इस खतरे से जुड़े हो सकते हैं। ये केमिकल्स बड़े पैमाने पर खेती में इस्तेमाल होते हैं और फूड चेन के जरिए हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं।
सिर्फ केमिकल ही नहीं, हमारी खराब लाइफस्टाइल भी इस बीमारी को बढ़ा रही है। जंक फूड, स्मोकिंग और हेल्दी डाइट की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।
यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि हमारी रोजमर्रा की खाने की आदतें और पर्यावरण हमारी सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। इसलिए जो हम खा रहे हैं, उसकी क्वालिटी और सोर्स पर ध्यान देना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।