
पेट दर्द से परेशान लड़के को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Crohn's Disease Symptoms: अक्सर लोग पेट दर्द, दस्त या पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं को गैस, बदहजमी या गलत खानपान का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये परेशानी बार-बार हो रही है और लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे एक गंभीर बीमारी भी हो सकती है, जिसे क्रोहन डिजीज (Crohn's Disease) कहा जाता है।
Mayo Clinic, NHS और National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, क्रोहन डिजीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें पाचन तंत्र में लगातार सूजन बनी रहती है। यह बीमारी मुंह से लेकर गुदा तक पाचन तंत्र के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, हालांकि यह सबसे ज्यादा छोटी आंत और बड़ी आंत के शुरुआती हिस्से में देखी जाती है।
क्रोहन डिजीज के लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं और कई बार अचानक भी बढ़ सकते हैं। Mayo Clinic के अनुसार इसके सामान्य संकेतों में शामिल हैं:
कुछ लोगों में बीमारी बढ़ने पर मुंह में छाले, जोड़ों में दर्द, त्वचा की समस्याएं और आंखों में सूजन जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
अभी तक इसका सटीक कारण का पता नहीं चल पाया हैं। हालांकि Mayo Clinic और NIDDK के अनुसार यह बीमारी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम), आनुवंशिक कारणों और पर्यावरणीय कारकों के संयुक्त प्रभाव से विकसित हो सकती है। यदि परिवार में किसी सदस्य को क्रोहन डिजीज है, तो इसका खतरा बढ़ सकता है। वहीं धूम्रपान करने वालों में भी यह बीमारी अधिक देखी जाती है।
अगर आपको कई हफ्तों से लगातार दस्त हो रहे हैं, पेट दर्द बना रहता है, मल में खून दिखाई देता है या तेजी से वजन कम हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच होने से बीमारी को नियंत्रित करना आसान हो सकता है।
क्रोहन डिजीज का पता लगाने के लिए डॉक्टर कई तरह की जांचें कर सकते हैं, जैसे ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट, कोलोनोस्कोपी, सीटी स्कैन या एमआरआई, एंडोस्कोपी इन जांचों की मदद से आंतों में सूजन और नुकसान की स्थिति को समझा जाता है।
क्रोहन डिजीज का फिलहाल कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव के जरिए इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर सूजन कम करने वाली दवाएं, इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने वाली दवाएं और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। साथ ही संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी और नियमित मेडिकल फॉलो-अप भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
17 Jun 2026 10:35 am
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