
Gum Disease and Colon Cancer (photo- chatgtp)
Gum Disease and Colon Cancer: हम अक्सर दांतों की जांच को सिर्फ कैविटी या सफाई तक सीमित समझते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि मुंह हमारी पूरी सेहत का आईना होता है। कई बार जो संकेत मुंह में दिखते हैं, वे शरीर के अंदर होने वाली गंभीर बीमारियों की तरफ इशारा कर सकते हैं यहां तक कि कैंसर तक।
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के मशहूर डेंटिस्ट Dr Mark Burhenne ने हाल ही में बताया कि मुंह में दिखने वाले कुछ लक्षण कोलोरेक्टल कैंसर (बड़ी आंत और रेक्टम का कैंसर) के खतरे का संकेत हो सकते हैं। उनके मुताबिक, अगर डेंटिस्ट सिर्फ दांतों की कैविटी ही चेक कर रहा है, तो वह कई अहम संकेत मिस कर सकता है।
रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों को मसूड़ों की बीमारी (गम डिजीज) होती है, उनमें कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा करीब 21% तक बढ़ सकता है। इसकी एक बड़ी वजह एक बैक्टीरिया है, जिसका नाम है Fusobacterium nucleatum। यह बैक्टीरिया मुंह से होते हुए आंत तक पहुंच सकता है और वहां जाकर नुकसान कर सकता है।
अगर ब्रश करते समय बार-बार खून आता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह सिर्फ दांतों की समस्या नहीं, बल्कि बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
मुंह से आने वाली बदबू को लोग अक्सर हल्के में लेते हैं, लेकिन यह मुंह में बैक्टीरिया बढ़ने का संकेत हो सकता है।
अगर मसूड़े हमेशा सूजे रहते हैं और ठीक नहीं होते, तो यह शरीर में सूजन और इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
जब मसूड़े पीछे हटने लगते हैं और दांतों की जड़ दिखने लगती है, तो इसका मतलब है कि लंबे समय से बैक्टीरिया का असर चल रहा है।
दांतों पर जमी सख्त परत बैक्टीरिया को छुपने का मौका देती है, जिससे वे शरीर के अंदर तक जा सकते हैं।
अगर पहले भी मसूड़ों की गंभीर समस्या रही है, तो यह लंबे समय तक शरीर में बैक्टीरिया के असर का संकेत है।
डॉक्टर Dr Mark Burhenne कहते हैं कि मुंह पाचन तंत्र की शुरुआत है। यहां मौजूद बैक्टीरिया सिर्फ यहीं नहीं रहते, बल्कि शरीर के अंदर तक पहुंच सकते हैं। खासकर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोलोन कैंसर की स्क्रीनिंग जरूर करवानी चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
27 Apr 2026 02:16 pm
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