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मात्र 2 रुपये की ये दवा ठीक कर सकती है कैंसर, वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला नया फॉर्मूला!

Cancer Treatment Research: कैंसर रिसर्च में एक ऐसी घटना घटी है जिसने दुनिया भर के डॉक्टरों को हैरान कर दिया है। एक छोटे से क्लीनिकल ट्रायल में दी गई एक दवा ने कोलन कैंसर के हर एक मरीज को पूरी तरह ठीक कर दिया। जानिए क्या है यह दवा और यह कैसे काम करती है।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 28, 2026

Cancer Prevention Drug

Cancer Prevention Drug (photo- gemini ai)

Cancer Prevention Drug: कैंसर के इलाज को लेकर एक नई और दिलचस्प जानकारी सामने आई है। एक आम और सस्ती दवा एस्पिरिन (Aspirin) कुछ मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वैज्ञानिक अभी इसके पीछे के सभी कारणों को पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं, लेकिन शुरुआती नतीजे बताते हैं कि यह खास तौर पर उन लोगों में ज्यादा असर दिखा सकती है, जिनकी बॉडी में कुछ खास जेनेटिक बदलाव होते हैं।

रिसर्च क्या कहती है?

Karolinska Institute से जुड़ी एक स्टडी में पाया गया कि जिन मरीजों ने एस्पिरिन ली, उनमें बीमारी दोबारा लौटने का खतरा कम था। करीब 89% मरीज तीन साल बाद भी कैंसर-फ्री रहे। वहीं, जिन्हें प्लेसीबो (डमी दवा) दी गई, उनमें यह आंकड़ा 79 से 81% के बीच रहा। यानी आसान भाषा में समझें तो एस्पिरिन लेने वालों में बीमारी से बचाव बेहतर नजर आया। इस रिसर्च को सर्जन Anna Martling की टीम ने लीड किया। वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही अभी सभी मॉलिक्यूलर कारण पूरी तरह साफ नहीं हैं, लेकिन यह इलाज खास जेनेटिक प्रोफाइल वाले मरीजों में ज्यादा असरदार हो सकता है।

फायदे के साथ जोखिम भी

हर दवा की तरह एस्पिरिन के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इस स्टडी में देखा गया कि एस्पिरिन लेने वाले करीब 16.8% मरीजों में गंभीर साइड इफेक्ट्स हुए, जबकि प्लेसीबो लेने वालों में यह आंकड़ा 11.6% था। इसका मतलब है कि इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेना सुरक्षित नहीं है।

सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवा

इस खोज की सबसे खास बात यह है कि एस्पिरिन बहुत सस्ती और आसानी से उपलब्ध दवा है। आज के समय में जहां कैंसर की दवाएं काफी महंगी होती हैं, वहीं एस्पिरिन लगभग हर मेडिकल स्टोर पर मिल जाती है। अगर भविष्य में इसे इलाज का हिस्सा बनाया जाता है, तो इससे ज्यादा लोगों को फायदा मिल सकता है।

जेनेटिक टेस्टिंग की बढ़ेगी अहमियत

यह इलाज हर मरीज पर एक जैसा असर नहीं करेगा। इसलिए आगे चलकर जेनेटिक टेस्टिंग काफी जरूरी हो सकती है। इससे डॉक्टर यह तय कर पाएंगे कि किन मरीजों को एस्पिरिन से सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है।

क्या रखें ध्यान?

कुल मिलाकर, यह रिसर्च उम्मीद जरूर देती है कि एक सस्ती दवा भी कैंसर जैसे गंभीर रोग में मददगार बन सकती है। लेकिन अभी इसे अपनाने से पहले और रिसर्च की जरूरत है। सबसे जरूरी बात कभी भी खुद से दवा लेना शुरू न करें, डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।