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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ‘कैंसर वाली सब्जी’? इस आम केमिकल ने बढ़ाया Colon Cancer का खतरा

Vegetables and Cancer Risk: Nature Medicine की रिसर्च में पेस्टीसाइड picloram को Colon Cancer के खतरे से जोड़ा गया। जानें कैसे आपकी सब्जियां बन सकती हैं जोखिम।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 28, 2026

Cancer Causing Chemicals

Cancer Causing Chemicals (photo- gemini ai)

Cancer Causing Chemicals: आजकल हम हेल्दी रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा सब्जियां और अनाज खाने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही सब्जियां कभी-कभी आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकती हैं? हाल ही में जर्नल Nature Medicine में पब्लिश एक स्टडी (Epigenetic fingerprints link pesticide exposure to early-onset colorectal cancer) ने ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है।

इस आम केमिकल ने बढ़ाया Colon Cancer का खतरा

इस रिसर्च में पाया गया कि खेती में इस्तेमाल होने वाला एक आम केमिकल पिक्लोराम (Picloram) कम उम्र में होने वाले कोलन कैंसर (Colorectal Cancer) से जुड़ा हो सकता है। यह केमिकल फसलों पर खरपतवार (weed) खत्म करने के लिए छिड़का जाता है और फिर यही हमारे खाने के जरिए शरीर में पहुंच सकता है।

DNA में छिपा सबूत

इस स्टडी की खास बात यह है कि वैज्ञानिकों ने DNA के जरिए यह पता लगाया कि इंसान किन-किन केमिकल्स के संपर्क में रहा है। यानी शरीर खुद एक रिकॉर्ड बनाकर रखता है। इस रिकॉर्ड में पेस्टीसाइड्स के निशान भी मिले, जो कैंसर के खतरे से जुड़े पाए गए।

क्यों बढ़ रहे हैं कम उम्र में केस?

पहले कोलन कैंसर 50 साल के बाद की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30-40 साल के लोगों में भी इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आज की युवा पीढ़ी बचपन से ही इन केमिकल्स के संपर्क में आ रही है, जिससे खतरा बढ़ गया है।

सिर्फ पिक्लोराम ही नहीं, और भी खतरे

रिसर्च में यह भी सामने आया कि glyphosate और atrazine जैसे अन्य पेस्टीसाइड्स भी इस खतरे से जुड़े हो सकते हैं। ये केमिकल्स बड़े पैमाने पर खेती में इस्तेमाल होते हैं और फूड चेन के जरिए हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं।

लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार

सिर्फ केमिकल ही नहीं, हमारी खराब लाइफस्टाइल भी इस बीमारी को बढ़ा रही है। जंक फूड, स्मोकिंग और हेल्दी डाइट की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।

कैसे करें बचाव?

  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं
  • ऑर्गेनिक या कम केमिकल वाले फूड को प्राथमिकता दें
  • जंक फूड और स्मोकिंग से दूरी बनाएं
  • शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें

सेहत पर गहरा असर

यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि हमारी रोजमर्रा की खाने की आदतें और पर्यावरण हमारी सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। इसलिए जो हम खा रहे हैं, उसकी क्वालिटी और सोर्स पर ध्यान देना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।