Tingling in Hands: जब हाथों अथवा पैरों की नसें दब जाती हैं, तो रक्त संचरण सही से नहीं हो पाता है। इस वजह से झनझनाहट की समस्या होती है। शरीर में विटामिन और खनिज की कमी से झनझनाहट की समस्या होती है। इसके अलावा मधुमेह व किडनी की समस्य होने से तंत्रिका नसों पर प्रभाव पड़ने से झनझनाहट आ सकता है।
नई दिल्ली। Tingling in Hands: हाथों और पैरों में झनझनाहट सामान्य समस्या है। इसके कई कारण हैं। यदि आप एक ही आसन में लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो आपके हाथों और पैरों में झुनझुनी की समस्या होती है। अक्सर लोग झनझनाहट को देशी भाषा में झुनझुनी कहते है। हाथ और पैर में झुनझुनी होना एक आम बात है। जब हाथों अथवा पैरों की नसें दब जाती हैं, तो रक्त संचरण सही से नहीं हो पाता है। इस वजह से झनझनाहट की समस्या होती है। झुनझुनी होने पर जलन व चुभन जैसे लक्षणो का अनुभव होता है। इससे हाथ और पैर थोड़े देर के लिए सुन्न हो जाते है। नसों की कमजोरी की समस्या से सुन्न जैसे लक्षण नजर आते है।
झनझनाहट होने के कारण
विटामिन की कमी होने के कारण शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते है जिसके कारण नसों में कमजोरी आ जाती है। भरपूर मात्रा में विटामिन होने से तंत्रिका स्वस्थ रहती है और कमजोरी पैदा नहीं होने देता है। इसलिए झुनझुनी नहीं होता है। खासतौर पर बी 6 की कमी से हाथ और पैर में सुन्न होने लगता हैं।
रक्त संचार की कमी की वजह से भी हाथ और पैर में झनझनाहट होने लगती है। हमारे शरीर में यदि रक्त संचार ठीक से नहीं होता है तो हमारी नसों में इसका असर होता है, जिससे हमारे शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन ठीक से पहुंच नहीं पाती और हमें शरीर में झनझनाहट और सुन्न जैसी अवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
हाथों और पैरों में हमेशा झनझनाहट की वजह डायबिटीज भी होती है। इसीलिए अपना शुगर समय- समय पर चेक करवा लेना चाहिए और दवाओं व उचित खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
हाथों में झनझनाहट की वजह लगातार टाइपिंग करने की वजह भी होती है। लैपटॉप, मोबाइल और कम्प्यूटर में बहुत देर तक टाइप करने की वजह से कलाई की नसों पर बुरा असर पड़ता है। काफी देर तक हाथों को एक ही पॉजिशन में रखे रहने से भी हाथ में झनझनाहट होने लगती है।
झनझनाहट से राहत पाने के टिप्स