Breast Cancer Causes: चेन्नई में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जानिए इसके पीछे की वजह, लक्षण, रिस्क फैक्टर और कैसे समय रहते बचाव किया जा सकता है।
Breast Cancer Causes: चेन्नई में एक चिंता बढ़ाने वाली हेल्थ समस्या सामने आ रही है। पिछले 10 सालों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी अचानक नहीं बल्कि पिछले 20 सालों से धीरे-धीरे बढ़ रही थी। अब यह शहर में महिलाओं के बीच सबसे आम कैंसर बन चुका है, जिसने पहले नंबर पर रहने वाले सर्वाइकल कैंसर को पीछे छोड़ दिया है।
ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. बालाजी रमानी बताते हैं कि पहले चेन्नई में सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा होता था, लेकिन अब ब्रेस्ट कैंसर ने उसकी जगह ले ली है। उनके अनुसार, इसके पीछे सिर्फ बेहतर जांच नहीं, बल्कि बदलती लाइफस्टाइल भी बड़ी वजह है।
आजकल शहरों में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है। कम फिजिकल एक्टिविटी, ज्यादा जंक और प्रोसेस्ड फूड, बढ़ता मोटापा, स्ट्रेस, और कई मामलों में स्मोकिंग व शराब का सेवन, ये सभी फैक्टर ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं। डॉ. बालाजी कहते हैं कि मोटापा खास तौर पर हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ता है, जो ब्रेस्ट कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकता है।
जहां एक तरफ केस बढ़ रहे हैं, वहीं एक पॉजिटिव बदलाव भी दिख रहा है। पहले महिलाएं कैंसर के आखिरी स्टेज में डॉक्टर के पास जाती थीं, लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है। ज्यादा महिलाएं समय रहते जांच करा रही हैं। मेमोग्राम जैसी जांचों की सुविधा और जानकारी बढ़ने से अब शुरुआती स्टेज में ही बीमारी पकड़ में आ रही है, जिससे इलाज आसान हो जाता है।
एक आंकड़े के अनुसार, भारत में हर 28 में से 1 महिला को जीवन में कभी न कभी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित जांच शुरू कर देनी चाहिए। 40 साल के बाद हर साल मेमोग्राम कराना और भी जरूरी हो जाता है, चाहे कोई लक्षण दिखे या नहीं। शुरुआती स्टेज में पकड़े जाने पर इस बीमारी का इलाज लगभग 99% तक सफल हो सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए कुछ आसान बातें अपनाई जा सकती हैं: