Heart Attack in Children: जगत्याल में 9 साल के बच्चे की हार्ट अटैक से मौत ने चिंता बढ़ाई। जानिए बच्चों में हार्ट अटैक के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके।
Heart Attack in Children: तेलंगाना के जगत्याल जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 9 साल के एक बच्चे की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह घटना लोगों को हैरान कर रही है और बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
मृतक बच्चे का नाम निशांत था, जो अपने माता-पिता चंद्रशेखर और नविता का इकलौता बेटा था। परिवार के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ गांव के बाहर स्थित शिव मंदिर में एक कार्यक्रम में गया था। वहां वह बाकी बच्चों के साथ खेल रहा था और पूरी तरह ठीक लग रहा था। लेकिन अचानक खेलते-खेलते वह जमीन पर गिर पड़ा। पहले तो किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ, लेकिन जब वह उठ नहीं पाया तो परिवार घबरा गया। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच की और बताया कि बच्चे को दिल का दौरा पड़ा था। यह सुनकर परिवार और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। इतने छोटे बच्चे में हार्ट अटैक की घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता के अनुसार, “बच्चों में हार्ट अटैक बहुत कम होता है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में यह संभव है। उनके मुताबिक इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:
कई बार ये समस्याएं पहले से होती हैं, लेकिन उनके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते।
डॉ. रोहित गुप्ता बताते हैं कि बच्चों में दिल से जुड़ी समस्या के कुछ संकेत जल्दी थक जाना, सांस फूलना, खेलते समय कमजोरी महसूस होना, अचानक बेहोश हो जाना हो सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
आजकल बच्चों की लाइफस्टाइल भी उनकी सेहत पर असर डाल रही है। जंक फूड ज्यादा खाना, फिजिकल एक्टिविटी कम होना और ज्यादा स्क्रीन टाइम दिल और शरीर दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखना जरूरी है: