स्वास्थ्य

Brain Cancer Treatment: दवा नहीं, अब आपका शरीर खुद बनेगा हथियार! वैज्ञानिकों ने ढूंढ लिया ब्रेन कैंसर का तोड़

Brain Cancer Treatment: ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि दो दवाओं को मिलाकर देने से बच्चों के घातक ब्रेन कैंसर DIPG और DMG के इलाज में बेहतर असर हो सकता है।

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Jan 17, 2026
Brain Cancer Treatment (photo- gemini ai)

Brain Cancer Treatment: ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने बचपन में होने वाले खतरनाक ब्रेन कैंसर के इलाज को लेकर एक नई उम्मीद दिखाई है। शोध में पाया गया है कि दो दवाओं को एक साथ इस्तेमाल करने से इलाज ज्यादा असरदार हो सकता है, बजाय इसके कि उन्हें अलग-अलग दिया जाए।

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स्टडी कहां और किस पर हुई

यह रिसर्च Science Translational Medicine जर्नल में प्रकाशित हुई है। यह अध्ययन चिल्ड्रन्स कैंसर इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया। रिसर्च खास तौर पर डिफ्यूज मिडलाइन ग्लियोमा (DMG) नाम के ब्रेन ट्यूमर पर की गई, जिसे इलाज करना बेहद मुश्किल माना जाता है।

DIPG: बच्चों में सबसे घातक ब्रेन कैंसर

DMG के अंदर डिफ्यूज इंट्रिंसिक पोंटाइन ग्लियोमा (DIPG) भी आता है। यह एक दुर्लभ लेकिन बेहद जानलेवा ब्रेन कैंसर है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की औसत उम्र अक्सर सिर्फ 12 महीने ही होती है, क्योंकि अब तक इसका कोई असरदार इलाज नहीं मिल पाया है।

एक दवा काफी नहीं, इसलिए कॉम्बिनेशन पर जोर

UNSW की प्रोफेसर मारिया त्सोली ने बताया कि अब तक कोई भी एक दवा इतनी ताकतवर नहीं है कि इस तरह के आक्रामक ब्रेन कैंसर को खत्म कर सके। इसी वजह से वैज्ञानिकों ने सोचा कि दो दवाओं को मिलाकर इस्तेमाल करने से शायद बेहतर नतीजे मिलें।

कैंसर क्यों तेजी से बढ़ता है

प्रोफेसर डेविड जीग्लर के मुताबिक, इन ट्यूमर्स में एक साथ हजारों जीन एक्टिव हो जाते हैं, जो कैंसर की बढ़त को तेज कर देते हैं। इन सभी जीन को एक साथ बंद करना अब तक वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है।

FACT और BET प्रोटीन पर किया गया फोकस

रिसर्च में दो अहम प्रोटीन-FACT और BET-पर ध्यान दिया गया, जो कैंसर सेल्स में बहुत ज्यादा पाए जाते हैं। इन प्रोटीन को रोकने वाली दवाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन अकेले इस्तेमाल करने पर उनका असर सीमित था।

दो दवाएं साथ दीं तो कैंसर सेल्स मरने लगीं

जब FACT और BET को रोकने वाली दवाओं को एक साथ इस्तेमाल किया गया, तो लैब में कैंसर सेल्स मरने लगीं। चूहों पर किए गए प्रयोगों में भी ट्यूमर की बढ़त धीमी पाई गई और उनकी जिंदगी लंबी हुई।

इम्यून सिस्टम भी हुआ एक्टिव

रिसर्च में यह भी सामने आया कि इस इलाज से इम्यून सिस्टम से जुड़े संकेत एक्टिव हुए। इसका मतलब है कि अब शरीर खुद भी कैंसर सेल्स को पहचानने और उन पर हमला करने में मदद कर सकता है।

भविष्य में इम्यून थेरेपी से जुड़ सकती है उम्मीद

वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इस इलाज को CAR T-cell थेरेपी जैसी इम्यून थेरेपी के साथ जोड़कर और बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।

क्लिनिकल ट्रायल में हैं दोनों दवाएं

अच्छी बात यह है कि दोनों तरह की दवाएं पहले से ही क्लिनिकल ट्रायल में हैं। यानी आने वाले समय में बच्चों के इस खतरनाक ब्रेन कैंसर के इलाज में यह तरीका एक बड़ी उम्मीद बन सकता है।

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Published on:
17 Jan 2026 05:07 pm
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