Cholesterol Guideline: अमेरिकी हृदय विशेषज्ञों ने कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। अब डॉक्टर सिर्फ खून की रिपोर्ट के नंबर नहीं देखेंगे, बल्कि आपकी उम्र और लाइफस्टाइल के आधार पर इलाज करेंगे। नई रिसर्च के अनुसार, सही खान-पान और एक्सरसाइज अब इलाज का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।
Cholesterol Guideline: आज के समय में बदलती हुई जीवनशैली और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) साइलेंट किलर बन चुका है। हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने कोलेस्ट्रॉल मैनेज करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन नियमों का मकसद हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरों को शुरुआती स्टेज पर ही रोकना है। आइए जानते है दिल की बीमारियों में बढ़ती इस सख्ती से कैसे इनको कम किया जा सकता है और कोलेस्ट्रॉल के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन में क्या-क्या शामिल है?
पहले केवल यह देखा जाता था कि कोलेस्ट्रॉल कितना बढ़ा हुआ है। लेकिन अब डॉक्टर यह देखेंगे कि आपकी उम्र क्या है, क्या आपको शुगर है या आपके परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है। इस पर्सनलाइज्ड रिस्क के आधार पर ही तय होगा कि आपको दवा की जरूरत है या सिर्फ परहेज से काम चल जाएगा।
नए नियमों में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL के लेवल को और भी कम रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में LDL जितना कम होगा, दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने का खतरा उतना ही कम रहेगा। खास तौर पर उन लोगों के लिए जो पहले से ही दिल के मरीज हैं।
अगर कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट से स्थिति साफ नहीं होती, तो अब कैल्शियम स्कैन कराने पर जोर दिया जा रहा है। यह टेस्ट बता देता है कि आपकी नसों के अंदर कचरा (प्लाक) जमना शुरू हुआ है या नहीं। इससे समय रहते हार्ट अटैक को रोका जा सकता है।
जिन लोगों को पुरानी दवाओं (जैसे स्टैटिन) से फायदा नहीं हो रहा या जिनके शरीर पर उनका बुरा असर पड़ रहा है, उनके लिए अब नए तरह के इंजेक्शन और दवाओं को मंजूरी दी गई है। ये नई तकनीक शरीर से कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में ज्यादा मददगार साबित हो रही हैं।
Journal of the American College of Cardiology (JACC) के अनुसार आप इन उपायो को अपनाकर कोलेस्ट्रॉल से बच सकते है-