स्वास्थ्य

Coronavirus: कोरोना वायरस के ‘कप्पा’ वैरिएंट की राजस्थान में दस्तक, 11 मामलों की हुई पुष्टि

Coronavirus Kappa variant Latest Update: राजस्थान में कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट की पुष्टि हुई है। अभी तक इससे संक्रमित होने के 11 मामले सामने आये हैं। राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट से संक्रमित हुए कुल 11 मरीजों में से 4 अलवर, 4 जयपुर, 2 बाड़मेर और 1 भीलवाड़ा से हैं। जीनोम अनुक्रमण के बाद ही इन मामलों की पुष्टि की गई है।
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Updated: 14 Jul 2021, 10:02 AM IST
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Coronavirus Kappa variant Latest Update: देश भर में कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से खत्म हुई भी नहीं हुई कि तीसरी लहर की आहट सुनाई देने लगी है। कोरोना वायरस भी अपने स्वरुप बार-बार बदल रहा है। राजस्थान में भी कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट की पुष्टि हुई है। अभी तक इससे संक्रमित होने के 11 मामले सामने आये हैं। राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस के कप्पा वेरिएंट से संक्रमित हुए कुल 11 मरीजों में से 4 अलवर, 4 जयपुर, 2 बाड़मेर और 1 भीलवाड़ा से हैं। जीनोम अनुक्रमण के बाद ही इन मामलों की पुष्टि की गई है।

हालांकि कप्पा वेरिएंट, डेल्टा के मुकाबले कम घातक है। दूसरी लहर में डेल्टा वेरिएंट ने ही अपना कहर बरपाया था। राजस्थान में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के कुल 28 नये मामले आये थे। अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित 9.43 लाख से ज्यादा लोग ठीक भी हो चुके हैं। जबकि 8,945 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा दी है।

शोध में विशेषज्ञों ने कप्पा वैरिएंट को बेहद संक्रामक और खतरनाक माना है। क्योंकि इसमें प्राकृतिक संक्रमण और वैक्सीन, दोनों से बनी प्रतिरक्षा को मात देने की क्षमता है। कोरोना के कप्पा वैरिएंट (B.1.167.1) का पहला मामला अक्टूबर 2020 में भारत में मिला था। यह कोरोनावायरस डबल म्यूटेंट स्ट्रेन है। ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में कप्पा वैरिएंट के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने इसे "वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट" के रूप में क्लासिफाइड किया है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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