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आकाशीय बिजली गिरने पर ऐसे करें बचाव

First Aid: बारिश के मौसम में बिजली गिरना आम बात है लेकिन अनहोनी की घटनाएं सभी को आहत कर देती हैं। जयपुर में रविवार यानी 11 जुलाई को आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की घटना ने सभी झकझोर दिया है।
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Deovrat Singh

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Updated: 13 Jul 2021, 11:51 AM IST

health news

First Aid: बारिश के मौसम में बिजली गिरना आम बात है लेकिन अनहोनी की घटनाएं सभी को आहत कर देती हैं। जयपुर में रविवार यानी 11 जुलाई को आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की घटना ने सभी झकझोर दिया है। ऐसी घटना शायद ही पहले किसी ने देखी होगी। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई और कुछ घायल हैं। बिजली गिरना बेहद गंभीर घटना है, जो कि जानलेवा होती है। ऐसे में पीड़ित को समय पर सही इलाज मिल जाए, तो जान बचाई जा सकती हैं। वैसे बारिश के मौसम में ऊंचाई पर जाने से बचना चाहिए। ऐसे मौसम में सरकार भी पहाड़ियों पर जाने की पाबंदी लगाती है। बिजली जब किसी पेड़ पर भी गिरती है तो उसके टुकड़े कर देती है।

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तेज बारिश में सफर करने वाले और घूमने जा रहे व्यक्तियों को इससे बचना चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। बारिश होने के साथ ही बिजली की गर्जना भी सुनाई देने लगती है। बिजली गिरने के बाद ही उसकी गर्जना सुनाई देती है। ऐसे में जहां भी आपको लगे कि बिजली नजदीक ही गिर रही है तो सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं। जब बारिश रुक जाएं तब ही आगे बढ़ें। यदि किसी व्यक्ति पर बिजली गिर जाती है तो उसे प्राथमिक चिकित्सा दें और जितनी जल्दी हो सके हॉस्पिटल पहुंचाएं। आइए जानते हैं बिजली गिरने के बाद घायल को प्राथमिक चिकित्सा कैसे दें।

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First aid for lightning victim
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बिजली गिरने के बाद घायल को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दें।
जिस व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिरी है, उसे बिना डरे छू सकते हैं। बिजली गिरने के बाद व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक आने से होती है। इसलिए सबसे पीड़ित की धड़कन और सांसें चेक करें। अगर सांस नहीं चल रही है, तो अपने मुंह से उसके मुंह में सांस (CPR) दें। वहीं, धड़कन रुकने की स्थिति में छाती जोर-जोर से दबाएं। सीपीआर को भी जारी रखें। बिजली गिरने पर व्यक्ति की हड्डियां भी टूट सकती हैं या फिर उसे दिखना या सुनना भी बंद हो सकता है।
एक ही जगह पर कई बार बिजली गिर सकती है, इसलिए वज्रपात के खतरे वाली जगह से मरीज को तुरंत हटा लें। जितनी जल्दी हो सके, मरीज को नजदीकी हॉस्पिटल ले जाएं।

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डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।