Bird Flu News: बिहार के दरभंगा जिले में बर्ड फ्लू (H1N1) की पुष्टि हुई है। हजारों कौवों की मौत के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट पर।
Bird Flu News: बिहार के दरभंगा जिले में बर्ड फ्लू (H1N1) की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और जिला प्रशासन के साथ-साथ पशुपालन विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। दरअसल, दरभंगा शहर के वार्ड नंबर 31 के भीगो इलाके में बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
स्थानीय पार्षदों के अनुसार, अब तक करीब 10 हजार कौवों की मौत होने की आशंका है। पहले भीगो इलाके में कौवे मरने की घटनाएं सामने आईं, लेकिन बाद में जिले के दूसरे हिस्सों से भी ऐसी खबरें आने लगीं। सबसे पहले 12 जनवरी को बड़े पैमाने पर कौवों की मौत देखी गई थी। इसके बाद पशुपालन विभाग ने मृत कौवों के सैंपल इकट्ठा कर भोपाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजे। शुक्रवार को जब जांच रिपोर्ट आई, तो उसमें एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) संक्रमण की पुष्टि हो गई।
रिपोर्ट आते ही नगर निगम के पार्षद, निगम के कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत प्रभावित इलाके में पहुंचे। मृत कौवों को पीपीई किट पहनकर इकट्ठा किया गया और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए गहरे गड्ढे खोदकर उन्हें दफनाया गया। इसके लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई, ताकि संक्रमण के फैलने का खतरा न रहे।
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद इलाके में डर और चिंता का माहौल है। लोग आशंकित हैं कि कहीं यह संक्रमण आगे न फैल जाए। पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. मोहम्मद इंतिखाब अख्तर ने बताया कि पूरे जिले में पशु चिकित्सकों की टीमें तैनात की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्मों की जांच की जाएगी और अगर कहीं भी संक्रमण के लक्षण मिलते हैं, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अख्तर के मुताबिक, सभी पोल्ट्री फार्मों में सीरोलॉजिकल सर्विलांस का आदेश दिया गया है। इसके तहत मुर्गियों के खून की जांच कर यह देखा जाएगा कि उनके शरीर में संक्रमण से जुड़ी एंटीबॉडी मौजूद हैं या नहीं। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मरे हुए पक्षियों को न छुएं। कहीं भी असामान्य रूप से पक्षियों की मौत दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। अफवाहों से बचें और सतर्क रहें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर सावधानी और सतर्कता बरतने से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।