Diabetes Breakfast Timing: डायबिटीज में नाश्ता कब करना सही है? उठते ही या बाद में? जानिए ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए एक्सपर्ट्स की आसान सलाह।
Diabetes Breakfast Timing: डायबिटीज में नाश्ता कब करना चाहिए। सुबह उठते ही या चाय-कॉफी के बाद? यह सवाल लाखों लोगों के मन में आता है। क्योंकि अगर ब्लड शुगर कंट्रोल में रखना है, तो दिन की शुरुआत कैसे होती है, यह बहुत मायने रखता है। लेकिन सच्चाई यह है कि डायबिटीज में नाश्ता करने का कोई एक तय समय नहीं होता। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सही समय हर व्यक्ति के शरीर, ब्लड शुगर लेवल, दवाइयों और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। यानी जो टाइम किसी और के लिए सही है, जरूरी नहीं कि वही आपके लिए भी सही हो।
नाश्ता शरीर को दिन की शुरुआत के लिए ऊर्जा देता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से बचाता है। अगर सुबह सही तरह से खाना खाया जाए, तो मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और दिनभर भूख भी कंट्रोल में रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित नाश्ता करने से ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव कम होते हैं। इससे शरीर कार्बोहाइड्रेट को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स, जैसे कि American Diabetes Association भी मानते हैं कि संतुलित डाइट और सही मील टाइमिंग ब्लड शुगर मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाती है।
नाश्ता सिर्फ फल या जूस नहीं होना चाहिए। आपको ऐसा खाना चुनना चाहिए जिसमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी कार्ब्स का संतुलन हो। प्लेट का आधे से ज्यादा हिस्सा सब्जियों से भरें, एक हिस्सा प्रोटीन का रखें और थोड़ा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट का।
फाइबर से भरपूर खाना पेट लंबे समय तक भरा रखता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है।
सबसे जरूरी बात अपने शरीर की सुनें। जब भूख लगे और ब्लड शुगर बहुत ज्यादा या बहुत कम न हो, तब नाश्ता करना बेहतर है। अगर सुबह भूख नहीं है, तो जबरदस्ती खाने की जरूरत नहीं। लेकिन लंबे समय तक खाली पेट भी न रहें, क्योंकि इससे ब्लड शुगर अचानक गिर या बढ़ सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि समय-समय पर ब्लड शुगर चेक करते रहें। इससे पता चलता है कि आपका नाश्ता और उसका समय आपके शरीर के लिए सही है या नहीं।
अगर खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ जाए, तो 10-15 मिनट हल्की वॉक करें। इससे शरीर ग्लूकोज को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता है और शुगर कंट्रोल में रहती है।
डायबिटीज में नाश्ता बेहद जरूरी है, लेकिन उसका सही समय हर व्यक्ति के लिए अलग होता है। कोई फिक्स नियम नहीं है। सबसे अच्छा तरीका है, संतुलित खाना खाएं, अपने ब्लड शुगर पर नजर रखें और वही रूटीन अपनाएं जो आपके शरीर को सूट करे।