
Acidity Diwali Prevention: त्योहारों का मौसम आते ही घरों में रौनक छा जाती है, चारों तरफ पकवानों की खूशबू फैल जाती है। मेहमानों का आना-जाना, मेल-मुलाकातें और एक से बढ़कर एक लाजवाब मिठाइयां, इन सबके चक्कर में सबसे बुरी गत बनती है हमारे पेट की। उल्लास के इस माहौल में हम अक्सर भूल जाते हैं कि हम जरूरत से ज्यादा खाना खा लें तो गैस, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतें चैन छीन सकती हैं। जब पेट गड़बड़ाता है, तो चेहरे की सारी चमक और त्योहार का मजा फीका पड़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस फेस्टिव सीजन में बिना किसी रोक-टोक के हर चीज का मजा लेते हुए अपनी सेहत को कैसे दुरुस्त रखा जाए।
सेमेलवेइस यूनिवर्सिटी (Semmelweis University) की स्टडी के अनुसार, त्योहारों के सीजन में लगभग 1 तिहाई (33%) लोगों को एसिड रिफ्लक्स और पाचन की समस्या होती है, जिसकी मुख्य वजह देर रात खाना और ज्यादा वसा (Fatty) व मसालेदार चीजें खाना है। थाली में रिफाइंड शुगर, मैदा, डालडा या घी में तली चीजें और भारी-भरकम मिठाइयां होती हैं। जब आप एक साथ बहुत सारा और भारी खाना पेट में खा लेते हैं, तो हमारे पाचन तंत्र (डाइजेस्टिव सिस्टम) को ज्यादा काम करना पड़ता है। नतीजा यह होता है कि जब पेट में जगह नहीं बचती, तो एसिड ऊपर गले की तरफ चढ़ने लगता है जिसे हम एसिडिटी या सीने की जलन कहते हैं।
प्राइम केयर हेल्थ स्टडी के अनुसार, पेट जब परेशान होता है, तो वह पहले ही चेतावनी देना शुरू कर देता है। इन इशारों को समय पर पहचानना बहुत जरूरी है;
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दावत में मुंह लटकाकर बैठ जाएं। बस थोड़ा सा दिमाग लगाना है और सही चीजें चुननी हैं
खाना खाने के तुरंत बाद की जाने वाली कुछ छोटी-छोटी गलतियां पेट खराब करती हैं। इनसे बचना बहुत आसान है;
मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर ये लक्षण दिखें, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं;